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सैयदराजा के 'सिंघम' बिन्देश्वर पांडेय का तबादला, 14 महीने के कार्यकाल में तस्करों और अपराधियों पर कसी नकेल

सैयदराजा थाना प्रभारी बिन्देश्वर पांडेय का 14 महीने का बेदाग कार्यकाल समाप्त हुआ। पशु तस्करी रोकने और हालिया डीजे विवाद में अपनी ईमानदारी साबित करने वाले इस जांबाज अफसर को अब चंदौली एसपी कार्यालय में पीआरओ की जिम्मेदारी मिली है।
 

14 महीने का ऐतिहासिक और बेदाग कार्यकाल

यूपी-बिहार बॉर्डर पर पशु तस्करी पर लगाम

डीजे विवाद में चुनौती और सत्य की जीत

अपराधियों में खौफ और फरियादियों के मददगार

एसपी कार्यालय में जन संपर्क अधिकारी नियुक्त

चंदौली जिले में यूपी-बिहार सीमा पर स्थित महत्वपूर्ण सैयदराजा थाने की कमान संभाल रहे इंस्पेक्टर बिन्देश्वर पांडेय का 14 महीने का शानदार कार्यकाल समाप्त हो गया है। जिले की पुलिसिंग में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले बिन्देश्वर पांडेय का तबादला अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बतौर जन संपर्क अधिकारी (PRO) के रूप में हुआ है। उनके जाने से जहाँ विभाग में उनकी चर्चा है, वहीं क्षेत्र की जनता एक ईमानदार अधिकारी की विदाई पर भावुक है।

सीमावर्ती थाने में तस्करों की तोड़ी कमर
बिहार की सीमा से सटे सैयदराजा थाने की कमान संभालना किसी चुनौती से कम नहीं था। बिन्देश्वर पांडेय ने अपने कार्यकाल के दौरान पशु तस्करी और अवैध शराब के सिंडिकेट पर सर्जिकल स्ट्राइक की। उनके खौफ से पेशेवर अपराधी या तो क्षेत्र छोड़ गए या 'अंडरग्राउंड' हो गए। चोरी की कई बड़ी वारदातों का खुलासा कर माल बरामदगी सुनिश्चित करना उनकी कार्यकुशलता का प्रमाण रहा। अपराधियों के लिए वे जितने सख्त थे, फरियादियों के लिए उतने ही सरल और सकारात्मक।

वह ऐतिहासिक चुनौती: "डीजे निकला होगा तो इस्तीफा दे दूंगा"
बिन्देश्वर पांडेय के कार्यकाल का सबसे चर्चित हिस्सा हाल ही में हुआ एक विवाद रहा। एक बवाल के दौरान जब उन पर आरोप लगे, तो उन्होंने पूरी ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ पुलिस महकमे के सामने चुनौती पेश की थी। उन्होंने कहा था— "अगर इस गली से एक भी डीजे गया होगा तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।" बाद में जब उच्च स्तरीय जांच हुई, तो उनका दावा शत-प्रतिशत सही निकला। उस रास्ते से कोई डीजे नहीं गुजरा था। इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे में उनकी सत्यनिष्ठा और ईमानदारी की धाक जमा दी।

सक्रिय पुलिसिंग और जन-संवाद का संगम
बिन्देश्वर पांडेय केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही नहीं, बल्कि सक्रिय पुलिसिंग के लिए भी याद किए जाएंगे। उन्होंने क्षेत्र के आम लोगों के बीच पुलिस की छवि को 'मित्र पुलिस' के रूप में स्थापित किया। उनके कार्यकाल में लंबित पड़े कई मामलों का त्वरित निस्तारण हुआ, जिससे आम जनता को न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ा। उनके इसी समर्पण और समर्पण भाव को देखते हुए उन्हें अब एसपी का पीआरओ बनाया गया है।

नई जिम्मेदारी और क्षेत्रवासियों की शुभकामनाएं
सैयदराजा से तबादला होते समय बिन्देश्वर पांडेय ने क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिन्देश्वर पांडेय जैसे अधिकारी विरले ही मिलते हैं, जो सत्ता और दबाव के आगे झुके बिना सत्य के साथ खड़े रहते हैं। अब जिले के जन संपर्क अधिकारी के रूप में वह पूरी पुलिस फोर्स और जनता के बीच सेतु का कार्य करेंगे।

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