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चंदौली के 800 परिषदीय स्कूलों पर बड़ा संकट: SMC के बैंक खाते न खुलने से मिड-डे मील पर मंडराया खतरा

चंदौली के 800 से अधिक परिषदीय स्कूलों में एसएमसी का पुनर्गठन होने के बाद भी बैंक खाते नहीं खुल सके हैं। इससे मिड-डे मील और विकास कार्यों का बजट अटक गया है, जिससे 1.70 लाख बच्चों का भोजन प्रभावित होने का खतरा है।
 

800 परिषदीय स्कूलों के बैंक खाते अटके

1.70 लाख बच्चों के भोजन पर खतरा

बीएसए सचिन कुमार की कड़ी चेतावनी

13 अक्टूबर तक खाते खोलने का अल्टीमेटम

मिड-डे मील बजट भुगतान प्रक्रिया बाधित

चंदौली जिले के परिषदीय विद्यालयों में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) का पुनर्गठन तो कर दिया गया है, लेकिन सैकड़ों स्कूलों में अब तक बैंक खाते नहीं खुल पाए हैं। शासन और शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के अनुसार, पुरानी कमेटियों का कार्यकाल पूरा होने के बाद नए सिरे से इन समितियों का गठन किया गया था।

एसएमसी गठन का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों का बेहतर संचालन करना, विकास कार्यों की देखरेख करना और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे बच्चों तक पहुंचाना था। लेकिन कागजी प्रक्रियाओं और लापरवाही के कारण योजना का मूल उद्देश्य ही अटक गया है।

बजट के भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह अटकी
नवगठित समितियों के बैंक खाते खोलने में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। जिले के 800 से भी अधिक परिषदीय विद्यालयों में अब तक एसएमसी के बैंक खाते चालू नहीं हो सके हैं।

बता दें कि शासन की ओर से विद्यालयों में मरम्मत, विकास कार्यों और मध्याह्न भोजन (Mid-Day-Meal) के संचालन के लिए मिलने वाली धनराशि सीधे एसएमसी के बैंक खाते में ही भेजी जाती है। लेकिन बैंक खाते सक्रिय न होने के कारण सरकारी धनराशि और बजट के भुगतान की पूरी प्रक्रिया अधर में लटक गई है।

1.70 लाख मासूम बच्चों के भोजन पर पड़ा असर
खाता न खुलने के कारण बजट का हस्तांतरण पूरी तरह से बाधित हो गया है। इससे विद्यालयों में नियमित रूप से संचालित होने वाली मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) व्यवस्था प्रभावित होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
चंदौली जिले के 1,185 परिषदीय स्कूलों में करीब 1.70 लाख बच्चे पढ़ाई के लिए नामांकित हैं। अगर समय रहते इन खातों में सरकारी धनराशि नहीं पहुंचती है, तो इन मासूम बच्चों को रोजाना मिलने वाले गर्म और पौष्टिक भोजन की उपलब्धता पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे स्कूलों में व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाएगा।

बीएसए की सख्त चेतावनी और 13 अक्टूबर का अल्टीमेटम
मामले की गंभीरता और बच्चों के भविष्य को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कुमार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्थिति की समीक्षा करते हुए विभाग को तत्काल कदम उठाने के आदेश दिए हैं।
बीएसए ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को सख्त चेतावनी जारी करते हुए निर्देश दिया है कि हर हाल में 13 अक्टूबर तक सभी एसएमसी के बैंक खाते खुलवा लिए जाएं। इसके साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी खंड विकास अधिकारियों को भी इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के लिए सचेत किया गया है।

लापरवाही बरतने पर तय होगी अधिकारियों की जिम्मेदारी
बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि समयसीमा के मामले में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि 13 अक्टूबर की निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी खाते खोलने की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी।

बीएसए के इस सख्त रुख के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग तेजी से बैंकों से संपर्क कर खाते खुलवाने में जुट गया है, ताकि बच्चों के मध्याह्न भोजन और स्कूल के दैनिक खर्चों के भुगतान की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द शुरू कराई जा सके।

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