सुविधा शुल्क न देने पर हो रहा है व्यापारियों का शोषण, व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी को सौंपा ऑडियो सबूत
चंदौली में फूड इंस्पेक्टरों की मनमानी के खिलाफ व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। भ्रष्टाचार के ऑडियो सबूतों के साथ डीएम से मुलाकात कर व्यापार मंडल ने दोषी अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने और शहाबगंज के मांस विक्रेताओं के लिए स्थायी मंडी की मांग की है।
फूड इंस्पेक्टरों पर अवैध धन उगाही का आरोप
भ्रष्टाचार की ऑडियो रिकॉर्डिंग जिलाधिकारी को सौंपी
दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग
शहाबगंज में मांस विक्रेताओं के लिए बने मंडी
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल
चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की नीति काम नहीं कर पा रही है, लेकिन चंदौली जिले में तैनात कुछ सरकारी कर्मचारी इस नीति को चुनौती दे रहे हैं। जिले के व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं और सरकारी अधिकारियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को लेकर 'व्यापार मंडल' के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से मुलाकात की। इस दौरान व्यापारियों ने खाद्य विभाग के दो इंस्पेक्टरों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए साक्ष्य पेश किए।

सुविधा शुल्क न देने पर उत्पीड़न का आरोप
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष लक्ष्मीकांत अग्रहरि ने जिलाधिकारी को बताया कि चकिया क्षेत्र के किराना व्यापारी संदीप केशरी का फूड विभाग के इंस्पेक्टर मनोज गौड़ और गणपति पाठक द्वारा शोषण किया जा रहा है। आरोप है कि 'सुविधा शुल्क' (रिश्वत) न मिलने के कारण सैंपलिंग की आड़ में व्यापारी को परेशान किया गया। जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि इन अधिकारियों ने न केवल अवैध धन की उगाही की, बल्कि विभाग की गोपनीयता को भी भंग किया है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग से खुला भ्रष्टाचार का खेल
जिलाधिकारी के समक्ष व्यापारियों ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का हवाला दिया, जिसमें अधिकारियों द्वारा पहले माल सीज करने और फिर पैसे लेकर उसे बेचने की बात कही जा रही है। लक्ष्मीकांत अग्रहरि ने कहा कि पैसे के लालच में विभागीय गरिमा को ताक पर रखने वाले इन अधिकारियों पर तत्काल मुकदमा दर्ज होना चाहिए और इन्हें सस्पेंड किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सैंपलिंग के नाम पर जिले में व्यापारियों का शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शहाबगंज के मांस विक्रेताओं के लिए मंडी की मांग
वार्ता के दौरान शहाबगंज से आए मीट एवं मुर्गा विक्रेताओं की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। व्यापारियों ने मांग की कि प्रशासन एक स्थायी मंडी बनाकर उन्हें व्यवस्थित करे। व्यापारियों का कहना है कि वे शासन के सभी मानकों और नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं, बशर्ते उन्हें जल्द से जल्द लाइसेंस निर्गत किए जाएं ताकि वे सम्मान के साथ अपने परिवार का जीविकोपार्जन कर सकें।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
जिलाधिकारी से मिलने वाले प्रमुख लोगों में प्रदेश संगठन मंत्री अशोक केशरी, वरिष्ठ जिला महामंत्री राकेश मोदनवाल, वरिष्ठ मंत्री महमूद आलम, तस्लीम अंसारी, झब्बू सोनकर, संदीप केशरी और परवेज सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने व्यापारियों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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