मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार पाने के लिए ये है तरीका, 15 जुलाई से प्रधानजी लोग कर सकते हैं अप्लाई
चन्दौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना (2026-27) के लिए ऑनलाइन आवेदन के कड़े निर्देश दिए हैं। बेहतरीन काम करने वाली 5 ग्राम पंचायतों को सीधे नकद धनराशि और सम्मान मिलेगा।
मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार शुरू
सीमए अवार्ड पोर्टल पर आवेदन
जिलाधिकारी ने जारी किए निर्देश
15 जुलाई से शुरू प्रक्रिया
चन्दौली जनपद में ग्रामीण विकास और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में 'मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना' को अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत वर्ष 2025-26 में बेहतरीन और उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में पुरस्कृत किया जाएगा। इसके लिए सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) और सहायक विकास अधिकारियों (ADO पंचायत) को तय समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पारदर्शी प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
15 जुलाई से खुलेगा 'सीएम अवार्ड पोर्टल'
पुरस्कार की दावेदारी के लिए ग्राम पंचायतों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए पंचायती राज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट "सीएम अवार्ड पोर्टल" (cmaward.upprd.in) को लाइव किया जा रहा है। इस पोर्टल पर आवेदन करने की प्रक्रिया आगामी 15 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त 2026 तक चलेगी। ग्राम पंचायत के सचिव (ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी) और ग्राम प्रधान द्वारा साक्ष्यों के आधार पर इस फॉर्म को एडीओ पंचायत की देखरेख में ऑनलाइन भरकर फ्रीज किया जाएगा।
मूल्यांकन के लिए तय किए गए 100 अंक
योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर दो विशेष आवेदन प्रपत्र उपलब्ध होंगे। पहले चरण में पंचायतों को एक 'बेसिक प्रपत्र' की प्रश्नावली का सामना करना होगा। इसमें सफल होने के बाद ही पंचायतें 09 अलग-अलग थीम या विषयों पर आधारित मुख्य आवेदन प्रपत्र में प्रवेश कर पाएंगी। यह मुख्य प्रश्नावली कुल 100 अंकों की होगी। पंचायतों को वर्ष 2025-26 में अपने द्वारा कराए गए विकास कार्यों का खुद ही ऑनलाइन स्व-मूल्यांकन करना होगा और दावों के समर्थन में जरूरी डिजिटल दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे।
दो बार पुरस्कार पाने वालों के लिए नया नियम
राज्य परफॉर्मेंस असेसमेंट समिति (SPAC) की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, इस बार नियमों में एक विशेष संशोधन किया गया है। ऐसी ग्राम पंचायतें जो पिछले वर्षों में दो बार यह पुरस्कार जीत चुकी हैं, वे भी इस साल आवेदन करने के लिए पूरी तरह पात्र होंगी। हालांकि, यदि वे दोबारा इस रेस में अर्ह (क्वालीफाई) पाई जाती हैं, तो उन्हें नकद राशि के स्थान पर 'प्रशंसा पुरस्कार' के रूप में केवल एक गरिमापूर्ण प्रमाण पत्र दिया जाएगा। यह प्रमाण पत्र जिले से चयनित होने वाली मुख्य 5 ग्राम पंचायतों की संख्या से बिल्कुल अलग होगा। ऐसी पंचायतें 5 साल पूरे होने के बाद ही दोबारा नकद पुरस्कार राशि के लिए पात्र हो सकेंगी।
चयन के लिए 45% अंक लाना बेहद जरूरी
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने साफ किया है कि इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड या जनपद स्तर से पुरस्कार की रेस में शामिल होने वाली ग्राम पंचायतों को न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। इससे कम अंक पाने वाली किसी भी ग्राम पंचायत के नाम पर पुरस्कार के लिए विचार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रत्येक विकासखंड की कम से कम 15 प्रतिशत ग्राम पंचायतों द्वारा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना बेहद जरूरी है, ताकि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बने।
तीन गुना पंचायतों का होगा स्थलीय सत्यापन
पंचायतों द्वारा ऑनलाइन डेटा फ्रीज किए जाने के बाद, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित 'जनपद परफॉर्मेंस असेसमेंट समिति' (DPAC) इन आवेदनों का गहन परीक्षण करेगी। इसके बाद, कुल पुरस्कृत होने वाली पंचायतों की संख्या से कम से कम तीन गुना ग्राम पंचायतों का एक विशेष जांच दल बनाकर स्थलीय सत्यापन (भौतिक निरीक्षण) कराया जाएगा।
सत्यापन टीम मौके पर जाकर काम की गुणवत्ता और अपलोड किए गए दस्तावेजों का मिलान करेगी। इसके बाद, सर्वाधिक अंक पाने वाली जिले की अंतिम 05 ग्राम पंचायतों की सूची को संस्तुति रिपोर्ट के साथ फ्रीज करके राज्य स्तरीय समिति (SPAC) को भेज दिया जाएगा।
₹9000 लाख के भारी-भरकम बजट की व्यवस्था
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा इस पूरी योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में कुल 9000.00 लाख रुपये (90 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है। इसी फंड में से चयनित ग्राम पंचायतों को पुरस्कार की धनराशि और प्रशासनिक खर्चों का भुगतान किया जाएगा।
कुल उपलब्ध बजट में से अधिकतम 5 प्रतिशत धनराशि भव्य पुरस्कार समारोह के आयोजन, प्रशिक्षण, स्टेशनरी और कार्यालय के दूसरे जरूरी खर्चों में उपयोग की जाएगी। शासन स्तर पर निदेशक पंचायती राज द्वारा अंकों के अवरोही क्रम (घटते क्रम) के आधार पर पूरे प्रदेश की अंतिम 375 ग्राम पंचायतों की सूची तैयार की जाएगी।
सीधे खाते में आएगी राशि, नवंबर तक काम पूरा
चयनित होने वाली सभी भाग्यशाली ग्राम पंचायतों को माननीय मुख्यमंत्री जी एवं अन्य वरिष्ठ महानुभावों की गरिमामयी उपस्थिति में एक भव्य सम्मान समारोह के दौरान सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार की पूरी धनराशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे चयनित ग्राम पंचायत के आधिकारिक बैंक खाते में निदेशक, पंचायती राज द्वारा ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी।
कलेक्ट्रेट से जारी आदेश के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया और गतिविधियों को आगामी नवंबर 2026 की तय समय सीमा तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। योजना के संबंध में किसी भी प्रकार की विस्तृत तकनीकी जानकारी या समस्या के समाधान के लिए ग्राम प्रधान और सचिव अपने संबंधित ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी या सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) से तुरंत संपर्क कर सकते हैं।
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