CM योगी और CJI सूर्यकांत करेंगे 286 करोड़ के हाईटेक कोर्ट का शिलान्यास, VVIP के लिए ऐसी हो रही तैयारी
वाराणसी से अलग होने के 28 साल बाद चंदौली को अपना भव्य न्यायालय भवन मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सीजेआई सूर्यकांत की उपस्थिति में 17 जनवरी को 286 करोड़ की लागत से बनने वाले 9 मंजिला कोर्ट परिसर का शिलान्यास होगा।
286 करोड़ की लागत से बनेगा 9 मंजिला कोर्ट
सीएम योगी और सीजेआई के आगमन की संभावना
17 वीवीआईपी न्यायाधीशों के शिरकत की चर्चा
28 साल बाद अधिवक्ताओं का सपना होगा पूरा
35 बीघे में आधुनिक सुविधाओं वाला परिसर
286 करोड़ की लागत से बनेगा 9 मंजिला कोर्ट
सीएम योगी और सीजेआई के आगमन की संभावना
17 वीवीआईपी न्यायाधीशों के शिरकत की चर्चा
28 साल बाद अधिवक्ताओं का सपना होगा पूरा
35 बीघे में आधुनिक सुविधाओं वाला परिसर
286 करोड़ की लागत से बनेगा 9 मंजिला कोर्ट
सीएम योगी और सीजेआई के आगमन की संभावना
17 वीवीआईपी न्यायाधीशों के शिरकत की चर्चा
28 साल बाद अधिवक्ताओं का सपना होगा पूरा
35 बीघे में आधुनिक सुविधाओं वाला परिसर
286 करोड़ की लागत से बनेगा 9 मंजिला कोर्ट
सीएम योगी और सीजेआई के आगमन की संभावना
17 वीवीआईपी न्यायाधीशों के शिरकत की चर्चा
28 साल बाद अधिवक्ताओं का सपना होगा पूरा
35 बीघे में आधुनिक सुविधाओं वाला परिसर
286 करोड़ की लागत से बनेगा 9 मंजिला कोर्ट
सीएम योगी और सीजेआई के आगमन की संभावना
17 वीवीआईपी न्यायाधीशों के शिरकत की चर्चा
28 साल बाद अधिवक्ताओं का सपना होगा पूरा
35 बीघे में आधुनिक सुविधाओं वाला परिसर
286 करोड़ की लागत से बनेगा 9 मंजिला कोर्ट
सीएम योगी और सीजेआई के आगमन की संभावना
17 वीवीआईपी न्यायाधीशों के शिरकत की चर्चा
28 साल बाद अधिवक्ताओं का सपना होगा पूरा
35 बीघे में आधुनिक सुविधाओं वाला परिसर
चंदौली जिले में 17 तारीख को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिला न्यायालय भवन के शिलान्यास के साथ-साथ जिले में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की संभावना जताई जा रही है।

इसी क्रम में जिले भर में तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। दिन के साथ-साथ रात में भी निर्माण कार्य लगातार जारी है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कंपनियों के कर्मचारी रात-दिन काम में जुटे हुए हैं, जबकि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, कार्यक्रम स्थल, हैलीपैड और अन्य जरूरी इंतजामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि मुख्यमंत्री का दौरा पूरी तरह सुरक्षित और सफल बनाया जा सके।
चंदौली जनपद वर्ष 2026 में एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। वाराणसी से अलग होकर जिला बनने के लगभग 28 साल बाद चंदौली को अपना भव्य और स्थाई 'जनपद न्यायालय भवन' मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी 17 जनवरी को जिले को यह बड़ी सौगात दे सकते हैं। इस कार्यक्रम की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ न्यायिक जगत की कई वीवीआईपी हस्तियों के शामिल होने की प्रबल संभावना है।
वीवीआईपी मेहमानों का होगा जमावड़ा
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, 17 जनवरी को न्यायालय भवन की आधारशिला रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चंदौली पहुंच सकते हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस गरिमामय समारोह में करीब 17 वीवीआईपी न्यायाधीश शिरकत करेंगे। इसमें उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान व पूर्व न्यायाधीशों की उपस्थिति चंदौली के न्यायिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगी।
286 करोड़ का बजट और 9 मंजिला भव्य इमारत
चंदौली कलेक्ट्रेट के पास करीब 35 बीघे जमीन पर इस कोर्ट परिसर का निर्माण किया जा रहा है। लगभग 286 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाली यह इमारत नौ मंजिला होगी। इसमें आधुनिकता का विशेष ध्यान रखा गया है। परिसर के भीतर 37 न्यायालय कक्ष, अधिवक्ताओं के लिए सुसज्जित चैंबर, भव्य सभागार, पार्क, फूड कोर्ट और पार्किंग की उत्तम व्यवस्था होगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन के बनने से वादकारियों और अधिवक्ताओं को काफी सहूलियत मिलेगी और न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।
प्रशासनिक अमला तैयारियों में जुटा, मंडलायुक्त ने लिया जायजा
मुख्यमंत्री और सीजेआई के संभावित आगमन को देखते हुए प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने चंदौली पहुंचकर कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक की। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के साथ निर्माणाधीन न्यायालय परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। मंडलायुक्त ने कार्यक्रम स्थल पर मंच, पंडाल और साफ-सफाई को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। वीवीआईपी प्रोटोकॉल को देखते हुए रूट चार्ट और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जा रहा है।
अधिवक्ताओं के 28 साल के संघर्ष की जीत
चंदौली जिले के गठन के बाद से ही यहां के अधिवक्ता संघ ने स्थाई न्यायालय भवन की मांग को लेकर लंबा संघर्ष किया है। वर्तमान में न्यायालय किराए के भवनों या सीमित संसाधनों में संचालित हो रहे थे, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में बाधा आती थी। इस नए भवन का शिलान्यास न केवल अधिवक्ताओं की मेहनत का फल है, बल्कि चंदौली की आम जनता के लिए भी सुलभ न्याय का मार्ग प्रशस्त करेगा। आने वाले दिनों में शासन द्वारा इस कार्यक्रम का आधिकारिक प्रोटोकॉल जारी होने की संभावना है।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*






