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बाबू को हटाने के चक्कर में खुद चले गए CMO साहब, बड़के साहब को भी खटकते रहते थे हुजूर
चंदौली जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीपी द्विवेदी का 8 जनवरी 2022 को हुए ट्रांसफर के बाद तत्काल ही डीएम ने उन्हें कार्यमुक्त कर दिया
 

CMO व साहब के बीच भी तालमेल बिगड़ने के हैं खास कारण

लेनदेन की जोरशोर से हो रही है चर्चा 

चंदौली जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीपी द्विवेदी का 8 जनवरी 2022 को हुए ट्रांसफर के बाद तत्काल ही डीएम ने उन्हें कार्यमुक्त कर दिया और साहब के जाते ही महकमे के लोग इस बात की चर्चा करने लगे की लेन-देन का हिसाब ठीकठाक न होने व एक बाबू से पंगा लेना साहब को काफी महंगा पड़ा। उसने जोर लगाकर साहब को जोर का झटका धीरे से दे दिया और साहब को चुपचाप यहां से खिसकना पड़ा। साहब को काम की मंजूरी देने में हिसाब-किताब का कच्चा खिलाड़ी कहा जाने लगा था। इसी तरह की चर्चाओं ने साहब का तबादला करा दिया है।


 बताते चलें कि चंदौली जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का तबादला होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में तरह-तरह की चर्चाएं भी होने लगी हैं। कभी अपनी कार्यशैली तो कभी विभागीय लोगों से तनातनी के कारण चर्चा में बने रहते थे। स्वास्थ्य विभाग के यह आलाहाकिम जिलाधिकारी की मीटिंग में भी साहब से उलझ गए थे। यह माना जाता है कि सीएमओ के ऊपर विभाग के बाबू की हनक व उसकी बड़े दरबार में पैरवी अधिक मजबूत निकली। जिससे मुख्य चिकित्सा अधिकारी का तबादला अधिसूचना जारी होने के कुछ ही घंटों पहले कर दिया गया और आनन-फानन में जिलाधिकारी ने रीलीव भी कर दिया।

CMO chandauli
 वहीं, यह भी चर्चाएं बहुत तेज है कि कोविड-19 ले दौरान ऑक्सीजन कंसनट्रेटर की खरीद व उसके भुगतान के डेढ़ करोड़ के मामले में संलिप्त लोगों का हाथ होने की बात कही जा रही है। इसमें बड़ा लेनदेन का खेल है। कहा जा रहा है कि इसमें शामिल 3 लोगों के नाम की बड़ी चर्चा है। कहीं उसी अनियमितता में तो नहीं सीएमओ के ऊपर कार्यवाही की गई है।                                                          

हकीकत चाहे जो हो लेकिन बिना आग के धुंआ नहीं होता है। इनके तबादले में कोई खास वजह तो जरूर है, जिसका खुलासा जल्द चंदौली समाचार पर होगा। इनके तबादले में कहीं ना कहीं विभाग में कुछ बड़ा गोलमाल करने या होने की एक बड़ी कहानी है। उन्हीं वजहों के कारण मुख्य चिकित्सा अधिकारी के ऊपर ऐसी कार्रवाई चुनावी सीजन में की गयी है।                                                      

ऐसी भी चर्चा है कि सीएमओ साहब किसी एक भाजपा के खासनेता की आंख की किरकिरी बन गए थे, जिसके कारण नाराज लोगों ने मिलकर एक गठजोड़ बनाया और एड़ीचोटी का जोर लगाकर साहब की छुट्टी करवा दी।


 वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं बाबू में चली आ रही खींचातानी का भी नजारा तो सबको पता है। साहब के जाते ही बाबू ऑफिस में आ धमके और लोगों के साथ ठहाके लगाते देखे गए। माना जा रहा है कि वह विभाग के लोगों को संदेश देने आए थे कि जो उनसे पंगा लेगा उनकी खैर नहीं है।                                                                                                                     cmo                                 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा अपने अधीनस्थ बाबू के खिलाफ डीओ लेटर लिखने तथा उन्हें दूरस्थ इलाके में ट्रांसफर करने की बात भी कही गई थी । इन सब मामलों को लेकर बाबू ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया और साहब को हटवाकर ही दम लिया। यह बाबू जिले के कई नेताओं के कान में बात करने वाला था। कई लोगों से ऐसी सेटिंग थी कि उसकी बात कोई काटता नहीं था, लेकिन सीएमओ साहब उसको ठिकाने लगाने में खुद ठिकाने लग गए।

आप को बता दें कि जिला अधिकारी द्वारा तबादले के बाद CMO वीपी द्विवेदी को कार्यमुक्त भी कर दिया गया है और साहब नए तैनाती स्थल के लिए रवाना हो जाएंगे।