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चंदौली में करोड़ों की पानी टंकी अधूरी, कागजों में पहुंचा दिया पानी; सपा नेता ने खोली पोल तो मिमियाने लगे अधिकारी

चंदौली के नूरी गांव में ₹3.79 करोड़ की पेयजल योजना में बड़ा खेल सामने आया है। धरातल पर पानी की टंकी अधूरी है, लेकिन कागजों में 294 घरों में सप्लाई चालू दिखा दी गई। पूर्व विधायक ने खोली पोल, अधिकारी बोले होगी जांच। पूरी खबर पढ़ें।

 
 

नूरी गांव में खुली विकास की पोल

₹3.79 करोड़ का प्रोजेक्ट अभी अधूरा

कागजों में 294 घरों को मिला पानी

पूर्व विधायक मनोज सिंह के गंभीर आरोप

अधिशासी अभियंता ने दिए जांच के आदेश

चंदौली जिले के बरहनी विकासखंड के नूरी गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। समाजवादी पार्टी के नेता और सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह 'डब्लू' ने अपने 'पोल खोल अभियान' के तहत जलकल विभाग की कार्यप्रणाली की धज्जियां उड़ा दी हैं। नूरी गांव में बन रही पेयजल परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व विधायक ने विभाग पर सरकारी धन के दुरुपयोग और कागजी हेरफेर के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

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धरातल पर काम अधूरा, कागजों में सप्लाई शुरू

पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि नूरी गांव में करीब ₹3 करोड़ 79 लाख 95 हजार की भारी-भरकम लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि धरातल पर इस पानी की टंकी का निर्माण कार्य अभी तक पूरा भी नहीं हुआ है। लेकिन जलकल विभाग के सरकारी कागजों और अभिलेखों में इस योजना को पूरा दिखाकर गांव के 294 घरों में पेयजल की आपूर्ति यानी पानी की सप्लाई शुरू भी कर दी गई है।

अधिकारियों के पास नहीं कोई जवाब, ग्रामीणों में गुस्सा

पूर्व विधायक ने इसे भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण बताते हुए कहा कि जब मुख्य टंकी ही अधूरी पड़ी है, तो फिर ग्रामीणों के घरों तक पानी कैसे पहुंच सकता है? उन्होंने इसे जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा बताया। इस मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भी विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा है। गांव के लोगों ने भी इस पूरी पेयजल परियोजना की प्रगति और इसमें इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है ताकि दोषियों को सजा मिल सके।

अधिकारी बोले- लापरवाही मिली तो करेंगे सख्त कार्रवाई

इस पूरे मामले पर जब जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) अमित कुमार रघुवंशी से बात की गई, तो उन्होंने माना कि अगर काम पूरा होने से पहले ही कागजों में पानी की सप्लाई दिखा दी गई है, तो यह बहुत बड़ी लापरवाही है। उन्होंने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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