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खर्राटे नहीं गंभीर बीमारी है स्लीप एपनिया, राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने संसद में उठाई आवाज

राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने शून्यकाल में स्लीप एपनिया की बीमारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि देश में 11 करोड़ लोग इससे प्रभावित हैं और स्वास्थ्य मंत्री से राष्ट्रीय जागरूकता अभियान चलाने की मांग की।

 
 

संसद में गूंजा स्लीप एपनिया का मुद्दा

सांसद दर्शना सिंह ने उठाई मांग

देश में 11 करोड़ लोग प्रभावित

तेज खर्राटे और थकान बीमारी के लक्षण

राष्ट्रीय जागरूकता अभियान चलाने की मांग

राज्यसभा सांसद श्रीमती दर्शना सिंह ने संसद के शून्यकाल (Zero Hour) के दौरान देश में तेजी से बढ़ रही स्लीप एपनिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि यह केवल साधारण खर्राटों की समस्या नहीं है, बल्कि एक गंभीर बीमारी है। समय पर पहचान और इलाज न मिलने पर यह उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, स्ट्रोक और मधुमेह जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है।

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देश में 11 करोड़ लोग प्रभावित, 90 प्रतिशत अनजान
सांसद ने सदन को बताया कि देश में करीब 11 करोड़ लोग स्लीप एपनिया से प्रभावित हैं। जागरूकता की कमी के कारण 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को यह पता ही नहीं होता कि वे इस बीमारी से जूझ रहे हैं। तेज खर्राटे आना, रात में बार-बार नींद खुलना, सुबह सिरदर्द रहना और दिनभर थकान महसूस होने जैसे लक्षणों को लोग सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो कि खतरनाक है।

डबल इंजन सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
दर्शना सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक काम हुए हैं। आयुष्मान भारत योजना, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और स्वास्थ्य ढाँचे के विस्तार से करोड़ों नागरिकों को फायदा मिला है।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जिला अस्पतालों को मजबूत किया जा रहा है और आमजन तक बेहतर इलाज पहुँचाने के प्रयास जारी हैं।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और बचाव की अपील
सांसद ने कहा कि समाज में अभी भी ऐसी बीमारियों के प्रति पर्याप्त जागरूकता नहीं है। यदि सही समय पर बीमारी की पहचान हो जाए, तो दिल की बीमारियों और अन्य गंभीर खतरों से आसानी से बचा जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, नियमित रूप से व्यायाम करें, अपने वजन को नियंत्रित रखें और हर तरह के नशे से दूर रहें।

राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की मांग
दर्शना सिंह ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से आग्रह किया कि स्लीप एपनिया के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही उन्होंने मांग की कि जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में इसकी जांच व पहचान की सुविधाओं को और मजबूत किया जाए ताकि आम जनता को समय पर इलाज मिल सके।

स्वस्थ भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते कदम
अंत में सांसद ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से देश की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार सशक्त हो रही है। सही समय पर जांच, व्यापक जनजागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के जरिए स्लीप एपनिया जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा और देश स्वस्थ भारत के सपने को साकार करेगा।

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