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चंदौली जिले में छत्रबली, प्रभुनारायण सहित 4 दर्जन नेताओं के लाइसेंस किए कैंसिल, जानिए क्यों
DM ने असलहाधारियों के ऊपर बड़ी कार्रवाई करते हुए इस बात का संदेश देने की कोशिश की है कि आपराधिक मुकदमे वाले और अधिक संख्या में असलहे रखने वाले लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन कोई नरमी नहीं बरतेगा।
 

 चंदौली के सभी दलों के दिग्गज 4 दर्जन नेताओं के लाइसेंस कैंसिल

जानिए क्यों करनी पड़ी ऐसी कार्रवाई



चंदौली जिले के जिला अधिकारी संजीव सिंह ने असलहाधारियों के ऊपर बड़ी कार्रवाई करते हुए इस बात का संदेश देने की कोशिश की है कि आपराधिक मुकदमे वाले और अधिक संख्या में असलहे रखने वाले लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन कोई नरमी नहीं बरतेगा। इसीलिए जिला अधिकारी संजीव सिंह ने कई व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।

जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई करते हुए कहा है कि जिले में 38 ऐसे लोग हैं कि जिनके ऊपर आपराधिक मुकदमे हैं और वह असलहे भी रखे हैं। इसलिए इनके लाइसेंस को निरस्त किया जाता है। इसके अलावा 2 से अधिक शस्त्र लाइसेंस रखने वाले 11 लोगों के तीसरे शस्त्र का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। जिलाधिकारी ने निर्वाचन संबंधी कार्यों को करते हुए विधानसभा चुनाव के पहले इस तरह की कार्यवाही करते हुए जिले में हड़कंप मचा दी है। कहा जा रहा है कि विधानसभा चुनाव 2022 में अराजक तत्वों द्वारा खलल डालने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन इस तरह की गतिविधियों में तेजी ला रहा है और अपराधिक किस्म के लोगों के साथ साथ दो से अधिक सलाह रखने वाले लोगों को चिन्हित करके उनके लाइसेंस निरस्त कर रहा है।

 ऐसी कार्यवाही करने के बाद जिलाधिकारी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि फिलहाल उनके लाइसेंस निलंबित हैं। अब इन मामलों पर सुनवाई होगी और संतोषजनक उत्तर मिलने के बाद ही इनके लाइसेंस बहाल होंगे। अथवा उन्हें निरस्त ही माना जाएगा। 


जिला अधिकारी चंदौली ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह, पूर्व प्रमुख अरविंद सिंह यादव, ओमप्रकाश सिंह, प्रभु नारायण सिंह यादव, मुसाफिर सिंह चौहान, स्वामी शरण सिंह यादव, अरुण जयसवाल, राणा प्रताप सिंह, मंजूर आलम, दीपक सिंह के एक शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।