चंदौली कॉन्क्लेव के एक और मुद्दे का हल : गड़ई नदी की 664 लाख खर्च करके होगी 37 किमी खुदाई शुरू, कई गांवों की समस्या का अंत
चंदौली कॉन्क्लेव में उठे एक और मुद्दे को हल किया जा रहा है। मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल ने गड़ई नदी के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया। ₹664.43 लाख की इस परियोजना से नदी की 37 किमी सिल्ट सफाई होगी, जिससे चंदौली और नियामताबाद ब्लॉक के हजारों किसानों की फसलें जलमग्न होने से बचेंगी।
₹664.43 लाख की लागत से नदी का कायाकल्प
37 किलोमीटर तक होगी सिल्ट और झाड़ियों की सफाई
7200 हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगी जलभराव से मुक्ति
'एक जनपद एक नदी' अभियान के तहत जीर्णोद्धार
आगामी बाढ़ सत्र से पहले कार्य पूरा करने का लक्ष्य
चंदौली जिले में चंदौली कॉन्क्लेव में उठे मुद्दों पर अफसरों व जनप्रतिनिधियों ने फोकस करना शुरू कर दिया है। जिले से गुजरने वाली गड़ई नदी के कायाकल्प और किसानों को जलभराव की गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए गुरुवार को एक बड़ी पहल की गई। मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजा-पाठ कर गड़ई नदी की खुदाई एवं सिल्ट सफाई कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वर्षाकाल में होने वाले फसलों के नुकसान को रोकना और जल निकासी को सुचारु बनाना है।
आपको याद होगा कि चंदौली कॉन्क्लेव में तीसरे दिन भाजपा नेता राणा प्रताप सिंह ने गड़ई नदी के मुद्दे पर अपनी बात रखी थी और इसके लिए पहल करने की बात कही थी।

'एक जनपद एक नदी' अभियान के तहत कायाकल्प
शुभारंभ अवसर पर विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'एक जनपद एक नदी' अभियान के प्रेरणा से नदियों के अस्तित्व को बचाने और उनके प्राचीन स्वरूप को वापस लाने का कार्य किया जा रहा है। सिंचाई विभाग के बंधी प्रखंड द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत नदी के 37 किलोमीटर लंबे हिस्से की खुदाई और सफाई कराई जाएगी। इसके लिए सरकार ने ₹664.43 लाख का बजट स्वीकृत किया है।

7200 हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगा सुरक्षा कवच
जिला परियोजना अधिकारी एवं जिला गंगा समिति के दर्शन निषाद ने नदी के भौगोलिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विंध्य की पहाड़ियों से निकलने वाली यह नदी करीब 60.100 किलोमीटर की दूरी तय कर चंद्रप्रभा और फिर कर्मनाशा नदी में मिलती है। वर्षाकाल में अहरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नियामताबाद और चंदौली ब्लॉक के लगभग 7200 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें जलमग्न हो जाती थीं। इस खुदाई से नदी की जल वहन क्षमता बढ़ेगी, जिससे किसानों की फसलें अब सुरक्षित रह सकेंगी।

बाढ़ से पहले पूरा होगा सफाई का कार्य
बंधी प्रखंड के अधिशासी अभियंता आजाद कुमार ने कार्य की योजना साझा करते हुए बताया कि नदी क्षेत्र में जमा सिल्ट, जंगली झाड़ियों और अन्य अवरोधों को हटाने का काम युद्ध स्तर पर किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि आगामी बाढ़ सत्र की शुरुआत से पहले सभी अवरोध हटा दिए जाएं ताकि पानी का बहाव निर्बाध बना रहे।
इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित राकेश पांडेय, धीरज सिंह, चिंटू सिंह, अंबरीश जायसवाल, रामकृष्ण पांडेय, सुनीता वियार, बृजेश बिंद और सोनू सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस योजना के शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
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