एक साल से ड्यूटी से गायब ग्राम पंचायत अधिकारी होगा बर्खास्त, जिला पंचायत राज अधिकारी ने दी लास्ट वार्निंग
चंदौली के नियामताबाद ब्लॉक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी मोहित कुमार चौरसिया पिछले एक साल से बिना बताए ड्यूटी से गायब हैं। DPRO ने साफ कहा है कि एक हफ्ते में हाजिर न होने पर उनकी नौकरी हमेशा के लिए समाप्त कर दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें।
ग्राम पंचायत अधिकारी मोहित चौरसिया लापता
बिना सूचना एक साल से अनुपस्थित
विभाग ने भेजे कई नोटिस पत्र
एक हफ्ते का मिला अंतिम मौका
नौकरी से बर्खास्तगी की तैयारी शुरू
चंदौली जिले से एक बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है। पंचायती राज विभाग में तैनात एक ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) पिछले एक साल से भी अधिक समय से बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के ड्यूटी से गायब चल रहे हैं। लगातार नोटिस भेजने के बाद भी जब कर्मचारी का कोई पता नहीं चला, तो अब विभाग ने उनके खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) ने एक पत्र के जरिए इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए आरोपी सचिव को नौकरी से निकालने की अंतिम चेतावनी जारी कर दी है। विभाग की इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है।
नियामताबाद ब्लॉक से जिला मुख्यालय संबद्ध होते ही हुए गायब
मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से वाराणसी जनपद के काजीपुरा खुर्द सोनिया (गुजराती गली) के रहने वाले श्री मोहित कुमार चौरसिया (पुत्र स्वर्गीय अजय चौरसिया) चंदौली के पंचायती राज विभाग में कार्यरत हैं। उनकी नियुक्ति 29 दिसंबर 2021 को हुई थी और वे विकास खंड नियामताबाद में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।
पिछले साल, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय द्वारा 14 मई 2025 को एक आदेश जारी किया गया था। इस आदेश के तहत मोहित चौरसिया को नियामताबाद ब्लॉक से हटाकर जिला मुख्यालय स्थित DPRO कार्यालय से संबद्ध (अटैच) कर दिया गया था। साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे अपने पुराने क्लस्टर की ग्राम पंचायतों का पूरा चार्ज नए तय सचिव को सौंपकर मुख्यालय में अपनी आमद दर्ज कराएं।
विभाग ने भेजे एक के बाद एक कई नोटिस
दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए मोहित कुमार चौरसिया ने 30 मई 2025 को जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय चंदौली में अपना योगदान तो दे दिया, लेकिन इसके ठीक अगले ही दिन यानी 31 मई 2025 से वे बिना किसी पूर्व सूचना या छुट्टी की मंजूरी के अचानक दफ्तर से गायब हो गए।
संबद्ध कार्यालय से इस तरह अचानक भाग जाने, लापरवाही बरतने और गंभीर अनियमितता के आरोपों को देखते हुए विभाग ने उन्हें अपनी स्थिति साफ करने के लिए कई मौके दिए। इसके लिए कार्यालय द्वारा नोटिस संख्या-809 (दिनांक 02.06.2025), पत्रांक-897 (दिनांक 09.06.2025), पत्रांक-1225 (दिनांक 26.06.2025), पत्रांक-1661 (दिनांक 22.07.2025) और पत्रांक-1952 (दिनांक 20.08.2025) जारी किया गया, लेकिन उन्होंने किसी का जवाब नहीं दिया।
आरोप पत्र गठित, सेवा समाप्ति की उल्टी गिनती शुरू
लगातार नोटिसों की अनदेखी के बाद विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए पत्रांक-2256 दिनांक 08 सितंबर 2025 के माध्यम से उनके खिलाफ बाकायदा एक आरोप पत्र गठित कर दिया। इसमें उन्हें 15 दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। इसके बाद भी कोई जवाब न मिलने पर कार्यालय द्वारा पत्रांक-3010 दिनांक 04 नवंबर 2025 को अंतिम नोटिस भी भेजा गया।
अब एक साल से भी अधिक समय बीत जाने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने कहा है कि इतने लंबे समय तक गायब रहने और किसी भी सरकारी नोटिस का जवाब न देने से यह साफ पता चलता है कि मोहित कुमार चौरसिया सरकारी नौकरी करने के बिल्कुल भी इच्छुक नहीं हैं। इसलिए नियमों के तहत ड्यूटी से पलायन करने के आरोप में उनकी सेवाएं समाप्त की जानी तय हैं।
एक हफ्ते का मिला है आखिरी मौका
DPRO ने सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए कहा है कि इस पत्र के प्रकाशित होने के एक सप्ताह (7 दिन) के भीतर मोहित कुमार चौरसिया जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय चंदौली में किसी भी कार्यदिवस पर खुद हाजिर हों और अपनी स्थिति से अवगत कराएं। अगर वे इस तय समय में उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ सेवा समाप्ति (बर्खास्तगी) की अंतिम कार्रवाई पूरी कर दी जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी खुद मोहित कुमार चौरसिया की होगी।
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