पोखरे की जमीन पर बन रहा है मकान, चकिया तहसील प्रशासन बना हुआ है मूकदर्शक
आंख पर पट्टी व कान में तेल डाले बैठे हैं जिम्मेदार अधिकारी
बरसों पुराने तालाब पर धड़ल्ले से बन रहा है मकान
देखिए कौन करता है कार्रवाई
चंदौली जिला के चकिया कोतवाली अंतर्गत ग्राम पंचायत बरहुआ के श्यामपुर मौजा में बरसों पुराने तालाब में एक परिवार के लोगों द्वारा भवन का निर्माण कराया जा रहा है और स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है, जिससे शासन के मंसूबे फेल होते दिखाई दे रहे हैं। लोगों की शिकायत का भी सरकारी अफसरों पर कोई असर नहीं दिखता है।

इस संदर्भ में ब्लाक पंचायत सदस्य अविनाश बघेल, पूर्व ग्राम प्रधान रामकिशुन, विनोद दुबे, रिजवान जायसवाल, भोला भारती, मुन्ना भारती का कहना है कि श्यामपुर मौजा का तालाब बरसों पुराना है, जिसमें पशु, पक्षी पानी पीने पीते हैं। वहीं तालाब पर गांव की महिलाएं छठ पूजा तथा ज्यूतिया का पर्व प्रतिवर्ष मनाती हैं।
लोगों का आरोप है कि गांव के अखिलेश मौर्या, मुन्ना मौर्य आदि द्वारा पोखरे की भींटे को ध्वस्त करके उस पर अवैध ढंग से कब्जा कर लिया गया है। कब्जा करने के बाद दो माह पूर्व पोखरे की भूमि में अवैध कब्जा धारियों द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा था, जिस पर गांव के पूर्व प्रधान रामकिशुन तथा विनोद दुबे ने सैैदूपुर पुलिस चौकी पर अवैध ढंग से निर्माण कार्य करा रहे लोगों के विरुद्ध प्रार्थना पत्र देखकर कार्य को रुकवा दिया था। लेकिन रविवार से एक बार पुनः निर्माण कार्य शुरू होने से ग्रामीण आक्रोशित हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार पोखरे तथा तालाब के सुंदरीकरण किए जाने हेतु अमृत सरोवर का निर्माण करा रही है। तो वहीं दूसरी तरफ दबंगों द्वारा पोखरे तालाब की भूमि पर अवैध ढंग से निर्माण कराया जा रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। जिससे शासन के मंसूबे जहां फेल होते दिखाई दे रहे हैं। वही दबंग किस्म के लोगों का हौसला बुलंद होता जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए ऐसे लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई किए जाने का मांग किया है।
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