खनन माफियाओं का काला खेल: रात के अंधेरे में नदी का सीना चीर रही मशीनें, वायरल वीडियो में देखिए खनन का खेल
चंदौली के सैयदराजा स्थित परसिया गांव में नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन जारी है। रात के अंधेरे में हो रही इस लूट से पर्यावरण को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
परसिया गांव में नदी किनारे अवैध खनन का बोलबाला
रात्रि में मशीनों और ट्रैक्टरों से मिट्टी-बालू की चोरी
राजस्व विभाग और पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
ग्रामीणों द्वारा बनाए गए अवैध खनन के वीडियो वायरल
पर्यावरण और जलस्तर पर मंडराया गंभीर संकट
चंदौली जनपद के सैयदराजा थाना क्षेत्र अंतर्गत परसिया गांव के समीप नदी के तटों पर इन दिनों खनन माफियाओं का राज चल रहा है। नियम-कानूनों की परवाह किए बिना यहां दिन-रात मिट्टी और बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। विडंबना यह है कि इस गंभीर विषय पर संबंधित विभाग और स्थानीय पुलिस की चुप्पी ने प्रशासनिक दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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— Chandauli Samachar (@chandaulinews) January 28, 2026
रात के अंधेरे में मशीनों का तांडव
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफियाओं ने पकड़े जाने के डर से अब अपना कार्यशैली बदल दी है। अधिकांश अवैध खनन कार्य रात्रि के सन्नाटे में अंजाम दिया जा रहा है। भारी-भरकम मशीनों और दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए नदी के प्राकृतिक स्वरूप को छलनी किया जा रहा है। मानकों की अनदेखी कर की जा रही इस खुदाई से न केवल नदी का पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के भूजल स्तर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका गहरा गई है।
विभागीय चुप्पी और माफियाओं की दबंगई
क्षेत्र में चर्चा है कि खनन माफियाओं द्वारा राजस्व विभाग को चपत लगाने के लिए कागजों पर औपचारिकता तो पूरी कर ली जाती है, लेकिन धरातल पर नियमों का खुला उल्लंघन होता है। ग्रामीणों का कहना है कि माफियाओं की दबंगई के कारण कोई भी खुलकर विरोध नहीं कर पा रहा है। हालांकि, जागरूक ग्रामीणों ने चोरी-छिपे खनन के वीडियो बनाए हैं, जिनमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह माफिया बेखौफ होकर प्राकृतिक संपदा की लूट कर रहे हैं।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
पर्यावरणविदों और ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन और खनन विभाग ने कड़े कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में खेती और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति होगी। लोगों का सीधा आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत के बिना इतना बड़ा खेल संभव नहीं है। अब देखना यह है कि प्रशासन वायरल वीडियो और जन शिकायतों का संज्ञान लेकर माफियाओं के खिलाफ कब कार्रवाई सुनिश्चित करता है।
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