भैसऊर गांव में जल जीवन मिशन की खुली पोल, पानी मिला नहीं और आने लगा बिल! इसलिए भड़के पूर्व विधायक मनोज सिंह
चंदौली के भैसऊर गांव में पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह ने जल जीवन मिशन योजना में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। कागजों पर करोड़ों का खर्च और धरातल पर पानी की बूंद न मिलने की पूरी कहानी जानने के लिए खबर पढ़ें।
भैसऊर गांव में खुली पोल
ढाई करोड़ की योजना अधूरी
बिना पानी मिले आया बिल
केवल कागजों पर हुआ काम
मामले की जांच के आदेश
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'जल जीवन मिशन' में चंदौली जिले के भीतर एक बड़ा झोल सामने आया है। बरहनी विकासखंड के भैसऊर गांव में सोमवार को पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह ने पेयजल योजना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सरकारी दावों की हवा निकल गई और योजना में भारी लापरवाही व वित्तीय अनियमितता की बात सामने आई। पूर्व विधायक ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकारी फाइलों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है।
ढाई करोड़ से ज्यादा की योजना, पर टंकी अधूरी
पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भैसऊर गांव में करीब 2 करोड़ 57 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से पानी की टंकी का निर्माण और 'हर घर नल जल योजना' को मंजूरी मिली थी। सरकारी पोर्टल पर इस काम को काफी आगे और सफल दिखाया गया है, लेकिन जब जमीन पर जाकर देखा गया तो सच बिल्कुल उल्टा निकला। गांव की पानी की टंकी आज तक पूरी तरह बनकर तैयार ही नहीं हो पाई है, जिसके चलते ज्यादातर ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
फोटो खिंचवाकर करोड़ों का भुगतान!
निरीक्षण के दौरान पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि इस योजना के तहत गांव के 184 परिवारों पर औसतन 1.84 लाख रुपये प्रति परिवार का खर्च सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया गया है। इतना बड़ा बजट खर्च होने के बाद भी ग्रामीणों को पीने का साफ पानी नसीब नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों और अधिकारियों ने मिलीभगत करके केवल कुछ घरों के बाहर पाइप लाइन का टुकड़ा लटकाया, उसकी तस्वीरें लीं और उसी फोटो के दम पर करोड़ों रुपये का सरकारी भुगतान डकार गए।
बिना पानी मिले ही थमा दिया पानी का बिल
मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सरकारी कागजों में भैसऊर गांव को 'नल जल योजना' से पूरी तरह लाभान्वित घोषित कर दिया गया है। असलियत यह है कि गांव के 139 परिवारों को आज तक एक दिन भी नियमित पानी की सप्लाई नहीं मिली। पानी की सप्लाई तो शुरू नहीं हुई, लेकिन गरीब ग्रामीणों के घरों पर सिंचाई और पानी का टैक्स (बिल) जरूर पहुंचने लगा है, जिससे लोग बेहद परेशान हैं।
ग्रामीणों में रोष, अधिशासी अभियंता ने दिए जांच के आदेश
पूर्व विधायक ने गांव का दौरा कर लोगों से सीधी बात की और उनकी शिकायतें सुनीं। ग्रामीणों ने भी एक सुर में कहा कि जल जीवन मिशन उनके लिए सिर्फ एक किताबी सपना बनकर रह गया है। मनोज कुमार सिंह ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को जेल भेजने की मांग की है।
वहीं, इस गंभीर शिकायत पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विवेक कुमार ने कहा कि मामले को संज्ञान में ले लिया गया है और इसकी विस्तृत जांच कराई जा रही है। उन्होंने भरोसा दिया कि यदि जांच में भ्रष्टाचार या किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई गई, तो जिम्मेदार फर्म और अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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