KG Nanda Hospital Chandauli: आयुर्वेदिक उपचार से संतान सुख की उम्मीद, डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में निःसंतान दंपतियों का उपचार, 10-20 साल से सूनी गोद भरने का दावा
चंदौली केजी नंदा हॉस्पिटल में डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में आयुर्वेदिक पद्धति से निःसंतान दंपतियों के उपचार का दावा, 10-20 साल बाद संतान सुख, 4 नवंबर को एक रिपोर्ट पॉजिटिव।
केजी नंदा हॉस्पिटल चंदौली
आयुर्वेदिक उपचार से संतान सुख
डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी उपचार
10-20 साल से सूनी गोद
4 नवंबर रिपोर्ट पॉजिटिव दावा
चंदौली जिले में केजी नंदा हॉस्पिटल एक बार फिर महिलाओं के स्वास्थ्य और संतान प्राप्ति से जुड़ी समस्याओं को लेकर चर्चा में है। स्त्री रोग एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में यहां आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से निःसंतान दंपतियों के उपचार का दावा किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस उपचार के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिससे वर्षों से संतान सुख की प्रतीक्षा कर रहे दंपतियों में उम्मीद जगी है।
डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी का कहना है कि आयुर्वेद में स्त्री रोग एवं प्रजनन संबंधी समस्याओं के उपचार की बेहतर संभावनाएं हैं। उचित जांच, रोग की स्थिति का आकलन और मरीज की जरूरत के अनुसार उपचार की प्रक्रिया अपनाई जाती है। अस्पताल की ओर से दावा किया गया है कि कई दंपतियों को वर्षों के इंतजार के बाद संतान सुख प्राप्त हुआ है।

कहां-कहां से आ रहे दंपति?
अस्पताल के अनुसार, उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों से दंपति यहां उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें ऐसे दंपति भी शामिल हैं, जो 10 से 15 वर्ष और यहां तक कि 20 वर्षों से संतान प्राप्ति की उम्मीद लगाए हुए थे। विदेश से भी मरीजों के उपचार के लिए संपर्क करने की बात कही जा रही है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि लंबे समय से इलाज करा रहे दंपतियों के लिए यह उपचार उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आ रहा है। कई दंपति ऐसे हैं जो अलग-अलग जगह इलाज कराकर थक चुके थे और अब यहां पहुंच रहे हैं।
4 नवंबर को पॉजिटिव रिपोर्ट का दावा
इसी क्रम में बुधवार, 4 नवंबर को उपचार से संबंधित एक रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी अस्पताल की ओर से दी गई। इसे अस्पताल प्रबंधन ने आयुर्वेदिक उपचार के प्रति मरीजों के विश्वास और सकारात्मक परिणाम के रूप में प्रस्तुत किया है।
डॉक्टर दे रहे हैं ऐसी सलाह
डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी का कहना है कि संतान प्राप्ति की समस्या से जूझ रहे दंपतियों को निराश होने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रत्येक मरीज की बीमारी और स्वास्थ्य की स्थिति अलग होती है, इसलिए उपचार भी उसी के अनुसार निर्धारित किया जाना चाहिए।
केजी नंदा हॉस्पिटल का दावा है कि बेहतर चिकित्सा सेवा और मरीजों के प्रति विश्वास के चलते अस्पताल की पहचान लगातार बढ़ रही है। हालांकि, उपचार की सफलता और परिणामों का आकलन चिकित्सकीय जांच एवं प्रमाणित रिपोर्ट के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
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