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जानबूझकर हो रही है जांच में देरी : 8 करोड़ का कटानरोधी प्रोजेक्ट गंगा में बहा, DM का आदेश हवा-हवाई

चंदौली के कुंडा खुर्द में 8 करोड़ की लागत से बना कटानरोधी कार्य गंगा की पहली ही बाढ़ में ढह गया। डीएम के आदेश के 20 दिन बाद भी जांच अधिकारियों की टीम ने तकनीकी रिपोर्ट पेश नहीं की है।

 
 

8 करोड़ का कटानरोधी कार्य बाढ़ में बहा

कुंडा खुर्द गांव में खिसक गए बोल्डर

डीएम चंद्रमोहन गर्ग ने गठित की थी जांच टीम

20 दिन बाद भी अफसरों ने नहीं दी रिपोर्ट

घटिया निर्माण से 40 प्रतिशत गांवों पर खतरा

चंदौली जिले के नियमाताबाद विकासखंड अंतर्गत कुंडा खुर्द गांव में गंगा नदी के तट पर करीब 8 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से कराया गया कटानरोधी कार्य पहली ही बाढ़ में पूरी तरह जवाब दे गया। पानी का बहाव बढ़ते ही परियोजना के तहत लगाए गए बोल्डर खिसक कर नदी में समा गए, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में हर वर्ष बाढ़ और कटान से बचाव के लिए शासन द्वारा करोड़ों रुपये स्वीकृत किए जाते हैं। चालू वित्तीय वर्ष में जिले में पांच कटानरोधी परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। इसी क्रम में कुंडा खुर्द गांव में भी बड़े पैमाने पर बोल्डर पिचिंग का काम कराया गया था, ताकि तट सुरक्षित रह सके।

पहली ही बाढ़ ने खोल दी निर्माण की पोल
ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इस 8 करोड़ रुपये की परियोजना के पूरा होने के बाद गंगा की तेज धार से गांव पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। हालांकि, मानसून की पहली ही बाढ़ ने निर्माण की मजबूती और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की पोल खोलकर रख दी।

बाढ़ का पानी बढ़ते ही बोल्डर का एक बड़ा हिस्सा अपनी जगह से खिसक गया। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और विभाग के अभियंताओं की सांठगांठ के कारण मानकों की अनदेखी की गई। घटिया सामग्री और कमजोर बुनियाद के कारण 8 करोड़ की परियोजना पानी में बह गई, जिससे आसपास के गांवों पर 40 प्रतिशत तक कटान का खतरा मंडराने लगा है।

डीएम ने लिया था संज्ञान, बनाई थी जांच अधिकारियों की टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए 22 अगस्त को बाढ़ प्रभावित गांवों के निरीक्षण पर निकले जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग खुद कुंडा खुर्द पहुंचे थे। बोल्डर बहने और कटान से प्रभावित गांवों का जायजा लेने के बाद उन्होंने तत्काल जांच के आदेश दिए थे। डीएम के निर्देश पर एसडीएम पीडीडीयू नगर, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग और अधिशासी अभियंता बांधी प्रखंड की एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया था, ताकि निर्माण की तकनीकी जांच कर लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जा सके।

20 दिन बीते, पर अब तक नहीं सौंपी गई तकनीकी रिपोर्ट
जिलाधिकारी के सख्त आदेश के बावजूद जांच प्रक्रिया बेहद सुस्त रफ्तार से चल रही है। जांच टीम का गठन हुए 20 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इस संबंध में एसडीएम पीडीडीयू नगर राजेश का वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से बाढ़ एवं कटान की रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके लिए कटानरोधी कार्य की तकनीकी रिपोर्ट संबंधित अभियंताओं से मांगी गई थी, जो अब तक अप्राप्त है। तकनीकी रिपोर्ट मिलते ही जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।

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