चंदौली में 'ग्राउंड जीरो' पर फेल हुआ सरकारी आदेश, सचिवालयों से गायब रहे लेखपाल, भटकते रहे 5 इलाकों के ग्रामीण
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश चंदौली में पहले दिन बेअसर रहा। दुल्हीपुर, शहाबगंज, चहनियां, सैयदराजा और बहादुरपुर के सचिवालयों में लेखपालों के न पहुँचने से काम ठप रहा।
शासनादेश के बाद भी सचिवालयों में नहीं दिखे लेखपाल
दुल्हीपुर सचिवालय में नहीं हो सका जनता का काम
शहाबगंज में पंचायत भवनों पर नहीं दूर हुई समस्या
चहनियां और रामगढ़ में दोपहर तक बैठे रहे फरियादी
नौबतपुर और बहादुरपुर में बंद ताले से लोग परेशान
प्रदेश सरकार के निर्देश पर ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शासनादेश जारी किया गया था। इस आदेश के तहत बुधवार को पहले ही दिन जिले में इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला। अधिकांश ग्राम सचिवालयों में बुधवार को लेखपाल समय पर नहीं पहुँचे, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को भारी निराशा का सामना करना पड़ा।
दुल्हीपुर में नहीं हो सका काम, लोग मायूस
दुल्हीपुर सचिवालय में गाँव के लेखपाल सलमान नदारद रहे, जिससे ग्रामीणों की लेखपाल के अनुपस्थिति में कोई काम नहीं हो सका। जबकि आज रोस्टर के तहत लेखपाल सलमान की ड्यूटी ग्राम सचिवालय में लगाई गई थी। लेखपाल सलमान ने बताया कि बुधवार को तहसील में कार्यरत थे। बताया कि वहां पर धारा 34 और विरासत के साथ-साथ अंश निर्धारण का भी कार्य किया।
शहाबगंज में पंचायत भवन पर नहीं दूर हुई समस्या
शहाबगंज में शासन के निर्देश पर विभिन्न पंचायत भवनों पर लेखपाल नहीं पहुँचे। अधिकांश लेखपालों को शासनादेश के बाद अब जानकारी ही नहीं थी। जबकि इसकी जानकारी अधिकारियों के पास पहुंच चुकी है। इसके बाद भी लेखपाल संबंधित सचिवालयों में नहीं दिखे। वहीं विभागीय कार्यों की दुहाई दे रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान कराने के उद्देश्य से पहल किया जा रहा है। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।
इंतजार करने के बाद लौटे फरियादी, दिखी नाराजगी
चहनियां के ज्यादातर सचिवालयों में लेखपाल और सेक्रेट्री नहीं पहुंचे। रामगढ़ में सुबह 10 बजे से दोपहर तक बैठे-बैठे कुछ फरियादी चले गये। खण्डवारी गांव के सचिवालय पर भी कोई नहीं गया। इससे ग्रामीणों को वापस लौटना पड़ा। वही लेखपालों ने बताया कि अधिकारियों की ओर से किसी प्रकार का निर्देश नहीं मिला था। इस दौरान अन्य काम में लगाया गया था।
नौबतपुर और बहादुरपुर का भी रहा बुरा हाल
सैयदराजा क्षेत्र के नौबतपुर गाँव के सचिवालय में एक जुलाई से लेखपाल व ग्राम विकास अधिकारी को उपस्थित रहना था। इसके बावजूद, सुबह 11 बजे तक सचिवालय में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुँचा। गाँव के लेखपाल अंकुर सिंह ने बताया इस सम्बन्ध में जिला मुख्यालय से कोई रोस्टर जारी नहीं हुआ है। अभी विन्ध्य एक्सप्रेस निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। दूसरी तरफ, पड़ाव से सटे बहादुरपुर ग्राम पंचायत भवन पर दोपहर तक ताला लटका रहा। लेखपाल सुजीत यादव का कहना है कि रेलवे लाइन प्रोजेक्ट कार्य को लेकर सर्वे में ड्यूटी लगाई गई है। पटनवा गांव में सर्वे चल रहा है। इसके कारण सचिवालय पर पहुंच नहीं पाए हैं। अधिकारियों के निर्देश मिलने पर सचिवालय पर उपस्थित रहेंगे।
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