इस वित्तीय वर्ष में नहीं पूरे हो पाएंगे दर्जनों प्रोजेक्ट, जानिए घोटाले के चक्कर में किन किन जगहों पर हो रही है जांच

जिला अस्पताल परिसर में मेडिकल कॉलेज भवन समेत कई परियोजनाएं अधर में हैं लटकीं
पूरी होंगी मेडिकल कॉलेज समेत 12 योजनाएं
जानिए उनके लिए क्या है अधिकारियों का प्लान
चंदौली जिले में वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है। ऐसे में जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज भवन समेत 12 ऐसी परियोजनाएं हैं, जो लटकी पड़ी हैं। इन परियोजनाओं के तहत प्रस्तावित काम अब नए वित्तीय वर्ष में पूरी होने की उम्मीद है। कई ऐसी परियोजनाएं भी हैं जो मार्च तक पूरी की जानी हैं। इसके चलते छुट्टी में भी अधिकारी प्रस्तावित काम कराने के लिए धनराशि खपाने में लगे रहे। ताकि बजट का उपयोग किया जा सके।

जिले में 1321.22 करोड़ रुपये की 83 परियोजनाओं स्वीकृत हैं। परियोजनाओं के तहत प्रस्तावित कार्य कराने के लिए 660.96 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। वहीं 578.49 करोड रुपये की परियोजनाओं को इसी साल पूरा किया जाना है। इसमें कई परियोजनाएं ऐसी हैं, जो 90 फीसदी तक पूरी हो चुकी हैं और कई 60 फीसदी तक पूरी हुई हैं। इसके अलावा 29 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इसमें मुख्य रूप से 400 केवी जीआरएस उपकेंद्र साहूपुरी, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय नौगढ़, निरीक्षण भवन प्रथम तल अतिरिक्त दो सूट, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमलपुर, गुरैनी पंप कैनाल, नवीन ममता राजकीय मानसिक मंदिर विद्यालय आदि शामिल हैं।
कुछ ऐसी बड़ी परियोजनाएं हैं जिनके काम चल रहे हैं। इसमें पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर के अंदर निर्माणाधीन पोस्टमार्टम हाउस, ओपीडी और पुरुष व महिला वार्ड के भवन शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस लाइन, रेलवे ओवरब्रिज, ट्रॉमा सेंटर व अन्य पर्यटक स्थलों के सुंदरीकरण के काम भी शामिल हैं। इनमें से कुछ परियोजनाओं के काम अंतिम चरण में हैं। कुछ ऐसी परियोजनाएं हैं, जिनके 50 फीसदी से अधिक काम हुए हैं।
जिन परियोजनाओं के लिए 70 फीसदी से ज्यादा धनराशि जारी हो चुकी है, वहां काम तेजी से चल रहे हैं। बाकी परियोजनाओं में कार्यदायी संस्थाएं धनराशि आने का इंतजार कर रही हैं।

7 परियोजनाओं की एसआईटी कर रही जांच
जिले में प्रस्तावित सात परियोजनाओं की एसआईटी जांच कर रही है। इसके चलते परियोजनाओं के कार्य प्रभावित हैं। इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहनी, चहनियां, शहाबगंज, नियमताबाद के अलावा महामाया पॉलिटेक्निक इनफॉरमेशन टेक्नालॉजी धानापुर, क्षय रोग विभाग के भवन निर्माण, राजकीय इंटर कॉलेज नियमतावाद के कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं में वित्तीय अनियमितता पाई गई है। इन परियोजनाओं में से किसी में 70 फीसदी तो बाकी में 90 फीसदी तक धनराशि जारी हो चुकी है।
इस सम्बंध में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि जिले में प्रस्तावित परियोजनाओं के काम कार्यदायी संस्थाएं पूरी करने में जुटी हुई हैं। 29 परियोजनाएं लगभग पूरी हैं। साथ ही 70 फीसदी परियोजनाओं के कार्य अंतिम चरण में जिन परियोजनाओं के कार्य बचे हैं, जल्दी ही पूरी होने की उम्मीद है। बजट को देखते हुए रविवार को भी कार्यालय खुले रहेंगे।
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