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"पैसा नहीं दिया तो जहर का इंजेक्शन लगा देंगे": चंदौली मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप, पीड़ित ने डीएम से लगाई गुहार

चंदौली के बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक मरीज से अवैध वसूली और जहर का इंजेक्शन देने की धमकी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित ने डीएम को पत्र सौंपकर जांच की मांग की है।

 

मेडिकल कॉलेज में अवैध वसूली का आरोप

"जहर का इंजेक्शन" देने की मिली धमकी

पीड़ित मरीज ने डीएम से की शिकायत

₹32,000 वसूलने का लगाया गंभीर आरोप

डॉक्टर ने आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार

चंदौली जिले से स्वास्थ्य महकमे को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के शहीदगांव निवासी पंकज तिवारी ने बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर और बाहर के मेडिकल स्टोर संचालक पर इलाज के नाम पर अवैध वसूली और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पीड़ित ने जिलाधिकारी (DM) को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई है।

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ऑपरेशन के नाम पर लिए ₹32,000
पीड़ित पंकज तिवारी सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे, जिससे उनके दाहिने पैर की हड्डी टूट गई थी। इलाज के लिए वह बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि वहां तैनात डॉक्टर आशुतोष बिक्रम ने उन्हें बाहर के एक मेडिकल स्टोर से सर्जिकल सामान लेने भेजा। मेडिकल स्टोर संचालक ने उपकरणों के नाम पर 20 हजार और डॉक्टर के खर्च के नाम पर 12 हजार, यानी कुल 32 हजार रुपये वसूले, जिसे पीड़ित ने कर्ज लेकर चुकाया।

"पैसा नहीं दिया तो लगा देंगे गलत इंजेक्शन"
पीड़ित का आरोप है कि 30 जून को ऑपरेशन होने के बाद उनसे अतिरिक्त 4 हजार रुपये की मांग की गई। आर्थिक तंगी का हवाला देने पर डॉक्टर और स्टोर संचालक ने उन्हें कथित रूप से धमकी दी कि "पैसा दे दो, नहीं तो गलत (जहर का) इंजेक्शन लगा देंगे और काम तमाम हो जाएगा।" इस खौफ के कारण पीड़ित ने डरकर फिर से उधार लेकर पैसे दे दिए। पीड़ित ने अब डीएम से दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


इस संबंध में डॉक्टर आशुतोष विक्रम ने बताया कि पंकज तिवारी का पूर्व में भी उनके द्वारा ऑपरेशन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि गिरने के कारण पंकज तिवारी के पैर की हड्डी टूट गई थी, जिसके चलते दो बार ऑपरेशन करना पड़ा। दोनों ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए। डॉ. आशुतोष विक्रम के अनुसार, मरीज से केवल इंप्लांट का शुल्क लिया गया है। ऑपरेशन से पहले ही उन्हें स्पष्ट रूप से बता दिया गया था कि इलाज में लगभग ₹30,000 का खर्च आएगा। हालांकि, पंकज तिवारी द्वारा केवल ₹24,000 ही जमा किए गए और उन्होंने आश्वासन दिया था कि ड्रेसिंग कराने आने पर शेष राशि का भुगतान कर देंगे।
उन्होंने कहा कि अब उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। यह आरोप किस मंशा से लगाए जा रहे हैं, इस पर कुछ कहना मुश्किल है, लेकिन अस्पताल की ओर से इलाज और ऑपरेशन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है।

अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर ने दी सफाई
इस मामले पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमित सिंह ने कहा कि शिकायत पत्र मिलने पर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। वहीं, आरोपी डॉक्टर आशुतोष विक्रम ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि मरीज से केवल इंप्लांट का शुल्क लिया गया है, जिसकी जानकारी पहले ही दे दी गई थी। इलाज पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है और यह आरोप किस मंशा से लगाए जा रहे हैं, कहना मुश्किल है।

 

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