मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने अखिलेश यादव को कहा 'ससुरा' तो मनोज काका ने की बर्खास्तगी की मांग
चंदौली में ₹3.55 करोड़ के नए सरकारी भवनों के लोकार्पण के दौरान यूपी के मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने अखिलेश यादव पर विवादित टिप्पणी कर दी। इसके बाद सपा नेताओं प्रभुनारायण सिंह यादव और मनोज सिंह काका ने मोर्चा खोल दिया है।
₹3.55 करोड़ के कार्यालयों का लोकार्पण
मंत्री रवीन्द्र जायसवाल का विवादित बयान
अखिलेश यादव पर तीखा जुबानी हमला
प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने की बर्खास्तगी की मांग
चंदौली जिले के विकास को रफ्तार देने के लिए एक तरफ जहां करोड़ों रुपये के नए सरकारी कार्यालयों की बड़ी सौगात मिली, वहीं दूसरी तरफ कलेक्ट्रेट परिसर से शुरू हुआ एक सियासी बयानबाजी का दौर अब पूरे प्रदेश में गरमा गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के स्टांप एवं न्यायालय शुल्क विभाग के मंत्री रवीन्द्र जायसवाल मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना और अन्य प्रशासनिक कार्यक्रमों के सिलसिले में चंदौली कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। यहां उन्होंने जिले को ₹3.55 करोड़ की भारी लागत से तैयार हुए आधुनिक उप निबंधक और एआईजी निबंधन कार्यालय भवन की शानदार सौगात दी और इसका भव्य लोकार्पण किया।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जयसवाल
— Chandauli Samachar (@chandaulinews) July 8, 2026
अखिलेश यादव को कहा-ससुरा
इसलिए गुस्से में बोल गए मंत्रीजी...@yadavakhilesh @mediacellsp @BJP4UP pic.twitter.com/cU9jj5EfwG
अखिलेश यादव पर साधा तीखा निशाना
भवन के लोकार्पण और कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए राज्य सरकार के मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर बेहद तीखा हमला बोला। उन्होंने पुरानी सरकारों के कामकाज की तुलना करते हुए कहा, "जब हम विधायक थे और अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब वे विधानसभा में एक प्रस्ताव लेकर आए थे कि जहां भी मुसलमानों का कब्रिस्तान है, उसे सुरक्षित रखने के लिए चारों तरफ बाउंड्रीवॉल (चारदीवारी) बनाई जाएगी। उस समय हमने मांग की थी कि आप कब्रिस्तान सुरक्षित कराइए, लेकिन जहां हिंदुओं का शमशान है, वहां भी बाउंड्री बननी चाहिए।" मंत्री ने आरोप लगाया कि तत्कालीन सपा सरकार ने शमशान के लिए कोई फंड नहीं दिया और केवल एकतरफा काम किया क्योंकि उन्हें सिर्फ वही लोग प्रिय थे।
विवादित शब्दों के इस्तेमाल से बढ़ा सियासी पारा
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने कुछ ऐसी तीखी और अजीबोगरीब भाषा का इस्तेमाल कर दिया जिसने विपक्षी दलों को पूरी तरह से नाराज कर दिया। उन्होंने कहा, "ये लोग जो आज राम के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें बोल रहे हैं, वे असल में आस्थावान समाज के पुराने घावों को दोबारा कुरेदने की कोशिश कर रहे हैं। इन्होंने करोड़ों हिंदू सोच वाले लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।" इसके आगे बात करते हुए मंत्री ने मर्यादित भाषा की सीमा लांघते हुए 'ससुरा' शब्द का प्रयोग किया और कहा कि ये लोग सिर्फ जालीदार टोपी और लुंगी पहनने वाले खास वर्ग के वोट बैंक के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
सपा नेताओं ने मान-मर्यादा पर उठाए सवाल
मंत्री के मुंह से अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए ऐसी भाषा सुनते ही चंदौली से लेकर लखनऊ तक समाजवादी पार्टी के नेता पूरी तरह से भड़क गए। पूर्व विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव और अन्य वरिष्ठ सपा नेताओं ने इस बयान पर तुरंत पलटवार किया। सपा नेताओं ने कहा कि यह पूरी दुनिया में भारत की राजनीतिक साख को बट्टा लगाने जैसा है। उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने उन करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है जिन्होंने प्रभु राम के लिए अपनी गाढ़ी कमाई और सोना-चांदी दान दिया था।" अयोध्या के मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब सच सामने आ रहा है तो भाजपा के बड़े-बड़े मंत्रियों में बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने आगे कहा कि एक जिम्मेदार कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद वे राष्ट्रीय स्तर के नेता के खिलाफ 'ससुरा' जैसे गली-मोहल्ले वाले शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे साफ पता चलता है कि ये लोग संस्कारविहीन हैं।
प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने की बर्खास्तगी की मांग
इस पूरे मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने भी चंदौली में दिए गए मंत्री के इस बयान की बेहद कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से अपना बयान जारी करते हुए कहा, "हमारे जनपद चंदौली की पवित्र धरती पर आकर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने हमारे माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के खिलाफ जिस तरह की घटिया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, वह भाजपा की गिरती हुई राजनैतिक सोच और उनके मानसिक दिवालियेपन का जीता-जागता उदाहरण है। भाजपा अब लोकतांत्रिक पार्टी नहीं, बल्कि केवल अभद्र टिप्पणी करने वालों का एक गिरोह बनकर रह गई है।"
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने मांगा मंत्री का इस्तीफा
— Chandauli Samachar (@chandaulinews) July 8, 2026
मंत्री रविंद्र जायसवाल ने अखिलेश यादव को दी थी गाली@ManojSinghKAKA @mediacellsp @BJP4UP @samajwadiparty pic.twitter.com/JwrWoBfrzQ
मनोज सिंह काका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री से सीधे सवाल पूछते हुए बड़ी मांग रखी। उन्होंने कहा, "अगर देश और सूबे के नेतृत्व में जरा सी भी राजनैतिक नैतिकता या लोकतंत्र के प्रति सम्मान बचा हुआ है, तो ऐसे अमर्यादित बयान देने वाले मंत्री को तत्काल प्रभाव से उनके पद से बर्खास्त कर देना चाहिए। इसके साथ ही रवीन्द्र जायसवाल को अपने इस कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।" सपा प्रवक्ता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि क्या सत्ता पक्ष ने यह मन बना लिया है कि वे हमेशा दलितों, पिछड़ों और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के नेताओं को इसी तरह अपमानित करेंगे? अगर यही रवैया रहा, तो साल 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की समझदार जनता इन नेताओं को वोट की चोट से बहुत कड़ा सबक सिखाने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है।
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