जमींदोज हुआ समाजवादी पार्टी का कार्यालय तो गुस्से में नारेबाजी करने लगे पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, देखें वीडियो
मुगलसराय में सड़क चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों का आक्रोश फूट पड़ा है। पूर्व सांसद रामकिशुन के नेतृत्व में व्यापारियों ने PWD कार्यालय पर धरना देकर उचित मुआवजे, विस्थापन नीति और परियोजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
मुगलसराय PWD कार्यालय पर जोरदार धरना
पूर्व सांसद रामकिशुन ने उठाई मांग
प्रभावित व्यापारियों को मिले उचित मुआवजा
सड़क चौड़ीकरण की डीपीआर करें सार्वजनिक
प्रशासन ने दिया मांगों पर आश्वासन
चंदौली जिले के मुगलसराय में सड़क चौड़ीकरण की प्रस्तावित योजना को लेकर स्थानीय व्यापारियों और प्रशासन के बीच गतिरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को व्यापारियों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब वे पूर्व सांसद रामकिशुन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यालय जा पहुंचे और वहां जोरदार धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। व्यापारियों का कहना है कि विकास के नाम पर उनकी रोजी-रोटी छीनने की कोशिश की जा रही है।

सपा नेताओं के प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) अनुपम मिश्रा तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने उत्तेजित व्यापारियों को शांत कराया और पूर्व सांसद रामकिशुन से वार्ता की। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी बुनियादी चिंताओं का समाधान नहीं होता, वे पीछे नहीं हटेंगे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि सपा के पूर्व सांसद ने अपने लोगों के साथ सड़क पर जमकर नारेबाजी की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
व्यापारियों की 5 प्रमुख मांगें
पूर्व सांसद रामकिशुन ने व्यापारियों की ओर से प्रशासन के सामने 5 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया है।
1. DPR सार्वजनिक हो: सड़क चौड़ीकरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को सार्वजनिक किया जाए ताकि व्यापारियों को सटीक जानकारी मिल सके।
2. सड़क की चौड़ाई पर स्पष्टता: सड़क कितनी चौड़ी होगी (52, 46 या 48 फुट), इस पर व्याप्त भ्रम को दूर कर आधिकारिक पुष्टि की जाए।
3. बाजार दर पर मुआवजा: जिन व्यापारियों की संपत्ति प्रभावित हो रही है, उन्हें वर्तमान बाजार दर पर उचित मुआवजा दिया जाए।
4. पुनर्स्थापन की व्यवस्था: प्रभावित दुकानदारों को अन्यत्र स्थापित करने के लिए प्रशासन ठोस पुनर्वास नीति बनाए।
5. अतिक्रमण पर कार्रवाई: चकिया तिराहे के पास पीडब्ल्यूडी की जमीन पर हुए अवैध कब्जों को पहले हटाया जाए।
बड़े आंदोलन की बन रही है रणनीति
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया और पारदर्शी तरीके से काम नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया है, लेकिन इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर व्यापारियों का विनाश स्वीकार्य नहीं होगा।
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