नौगढ़ में वन विभाग ऐलान; ऐसे ठेकेदारों की खैर नहीं, बिना NOC काम करने वाले जाएंगे जेल
चंदौली के नौगढ़ में अवैध खेती के बाद अब बिना अनुमति निर्माण करने वाली एजेंसियों पर रेंजर का हंटर चला है। मझगाई रेंज में बिना NOC पाइपलाइन बिछाने पर सामान जब्त कर ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बिना एनओसी पाइपलाइन बिछाना पड़ा भारी
रेंजर अमित श्रीवास्तव का सख्त एक्शन
मझगाई रेंज में निर्माण सामग्री जब्त
अवैध खेती के बाद ठेकेदारों पर शिकंजा
वन संरक्षण कानून के तहत मुकदमा दर्ज
चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में वन संपदा की सुरक्षा और वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए वन विभाग ने अपना अभियान तेज कर दिया है। मझगाई रेंज के रेंजर अमित श्रीवास्तव ने अवैध खेती उजाड़ने के बाद अब उन निर्माण एजेंसियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जो बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के जंगल की सीमाओं में प्रवेश कर कार्य कर रही हैं।
बिना अनुमति पाइपलाइन बिछाने की कोशिश नाकाम
ताजा मामला चकरघट्टा थाना क्षेत्र के मझगाई रेंज अंतर्गत पड़हवा क्षेत्र का है। यहाँ 'जल जीवन मिशन' योजना के नाम पर वन भूमि के भीतर अवैध रूप से पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा था। रेंजर अमित श्रीवास्तव को सूचना मिली कि विभागीय अनुमति के बिना ही ठेकेदार द्वारा जंगल में खुदाई और पाइप डालने का काम शुरू कर दिया गया है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर छापेमारी की। रेंजर को देखते ही कार्यस्थल पर मौजूद ठेकेदार और मजदूर अपना सामान छोड़कर घने जंगल की ओर भाग निकले।
निर्माण सामग्री जब्त, ठेकेदार पर कानूनी शिकंजा
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने मौके से पाइप, खुदाई के औजार और अन्य निर्माण सामग्री जब्त कर ली। जब्त किए गए सामान को मझगाई रेंज कार्यालय लाकर सीज कर दिया गया है। रेंजर ने बताया कि वन दरोगा के माध्यम से चकरघट्टा थाने में संबंधित ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने हेतु तहरीर दी गई है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि भविष्य में कोई भी निर्माण एजेंसी वन कानूनों की अनदेखी न कर सके।
अवैध खेती के बाद अब रडार पर निर्माण एजेंसियां
बता दें कि नौगढ़, जयमोंहनी और मझगाई रेंज में हाल के दिनों में वन विभाग ने ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि को कब्जामुक्त कराया है। विभाग ने अवैध रूप से बोई गई फसलों पर रोटावेटर और जेसीबी चलवाकर कड़ा संदेश दिया था। रेंजर अमित श्रीवास्तव के अनुसार, वन भूमि का व्यावसायिक या निर्माण कार्यों के लिए उपयोग केवल तभी संभव है जब उसके लिए उचित वैधानिक अनुमति ली गई हो।
"NOC के बिना काम करना गैर-कानूनी"
रेंजर अमित श्रीवास्तव ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "चाहे जल जीवन मिशन हो या कोई अन्य सरकारी योजना, यदि कार्य वन भूमि से गुजरता है, तो पहले वन विभाग से विधिवत NOC लेना अनिवार्य है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग विकास का विरोधी नहीं है, लेकिन नियमों और पर्यावरण सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना अनुमति किए गए सभी कार्य अवैध माने जाएंगे और उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
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