चंदौली रोडवेज डिपो के अधिकारियों की उदासीनता, जिले से महाकुंभ के लिए नहीं चला रहे हैं कोई बस सेवा
महाकुंभ में चंदौली से नहीं मिली रोडवेज सेवा तो कई श्रद्धालु हो सकते हैं वंचित
महाकुंभ में चंदौली से चलाई जाए बस व ट्रेन
जिले की यात्रियों की है मांग इलेक्ट्रिक बस सेवा का सैयदराजा तक हो संचालन
चार सांसद और चार विधायक नहीं दिला पा रहे हैं चंदौली जिले को बस सेवा
चंदौली जिले में संचालित चंदौली रोडवेज डिपो का नाम ही अपने आप में चल रहा है क्योंकि चंदौली डिपो के अधिकारियों द्वारा केवल कागजों पर गाड़ियां चलाकर चंदौली जिले की जनता को कागज पर सेवा देने का दावा वखूब किया जाता है ।
आपको बता दें कि वही चंदौली जिले की यात्रियों के लिए इस बार के होने वाले महाकुंभ को देखते हुए काफी समस्याएं सामने आ रही है। जिसको लेकर चंदौली जिले के यात्री महाकुंभ में जाने से कतरा रहे हैं। सही साधन की सुविधा नहीं होने को देखते हुए महाकुंभ में जाने से वंचित हो सकते हैं। क्योंकि कोरोना काल में चंदौली व सैयदराजा रुकने वाली एक्सप्रेस ट्रेन भी बंद होने के कारण यात्रियों को वाराणसी जाने की सुविधा नहीं मिल रही है।
बताते चलें कि वही सैयदराजा से वाराणसी जाने वाली बस सेवा गंगा नदी के पुल के कारण बाधित है। जो रोडवेज की सेवा केवल पड़ाव तक ही मिलती है। जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करने पड़ रहा है। वही इस समय आने वाले महाकुंभ को देखते हुए रोडवेज द्वारा सारी तैयारियां की जा रही हैं लेकिन चंदौली जिले के लोगों के लिए किसी प्रकार की कोई सुविधा देखने को नहीं मिल रही है ।
अब देखना है कि इस महाकुंभ में कैसे रोडवेज अपने यात्रियों को चंदौली से प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ तक ले जाने का काम करती है क्योंकि इसके पहले चंदौली डिपो से कुंभ एवं माघ मेले के लिए पूर्व में कई बसें संचालित होती रही है ।
आपको बता दें कि चंदौली डिपो से तो पहले बसे सैयदराजा से जमानिया, गया, सोनभद्र, गाजीपुर, प्रयागराज के साथ-साथ लखनऊ तथा अब तो दिल्ली तक बसें चलाई गई लेकिन उन बसों को बाद में वाराणसी तक ही सीमित कर दिया गया है । इसमें कहीं ना कहीं चंदौली जिले के जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भी देखने को मिल रही है, चंदौली जिले से चार सांसद चार विधायक होने के बावजूद भी बस सेवा नहीं मिल रही है तो कही न कही जनप्रतिनिधि व चंदौली डिपो के अधिकारी चंदौली जिले के यात्रियों की समस्या को ध्यान में रखते तो मिर्जामुराद से चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों को जो कि इस समय (मुगलसराय तक) डीडीयू नगर तक संचालित हो रही है उसे सैयदराजा तक चला दी जाए तो वाराणसी जाने वाले यात्रियों को बहुत ही सहूलियत होगी ,क्योंकि इलेक्ट्रिक बस गंगा पुल से सीधे कैंट तक चली जाती हैं।
यह भी कहा जाता है कि इलेक्ट्रिक बसें की 120 किलोमीटर की सेवा देना होता है तो यदि चंदौली जिले में 10 बसें मिर्जापुर से सैयदराजा तक संचालित कर दी जाए तो यह टारगेट पूरा होने के साथ-साथ चंदौली जिले के यात्रियों को वाराणसी, लखनऊ, महाकुंभ प्रयागराज जाने के लिए काफी सहूलियत होगी ।
अब देखना है कि आने वाले इस महाकुंभ में 1 जनवरी से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चारों तरफ से बस संचालित करने का दावा किया जा रहा है। इसमें चंदौली जिले से कितनी बसें संचालित होती है और यहां के जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी अपने जिले के यात्रियों के लिए कितनी बसों की सेवा दिलाने में सहायक सिद्ध होते हैं।
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