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नौगढ़ ब्लाक में आवासों के नाम पर जमकर होता है खेल, देखिए एक और नमूना
नौगढ़ विकास खंड की 43 ग्राम पंचायतों में गरीबों को दिए गए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास में लेनदेन व जांच पड़ताल का आलम यह है कि आवास बनाने के पैसे का इस्तेमाल कई और कामों में हो गया है।
 

नौगढ़ ब्लाक में आवासों के नाम पर खेल

देखिए एक और नमूना

चंदौली जिले के नौगढ़ विकास खंड की 43 ग्राम पंचायतों में गरीबों को दिए गए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास में लेनदेन व जांच पड़ताल का आलम यह है कि आवास बनाने के पैसे का इस्तेमाल कई और कामों में हो गया है। इसकी मॉनिटरिंग के दौरान कर्मचारियों व अधिकारियों ने भी खूब लापरवाही बरती है। कागज पर कई आवासों को पूर्ण दिखा दिया गया है, लेकिन जब सत्यापन हो रहा है तो एक के बाद एक सच्चाई सामने आने लगी है। 

इस फर्जीवाड़े में शामिल कर्मचारी व अफसर अब लाभार्थियों को आवास पूरा कराने के लिए खोज रहे हैं, क्योंकि लाभार्थियों ने खाते में पैसा आते ही किसी ने बाइक तो किसी ने मोबाइल खरीदकर दूसरा काम धाम शुरू कर दिया है। 

कहा जा रहा है कि नौगढ़ ब्लाक के अंदर कई प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास अधूरे हैं, लेकिन इनको कागज पर पूरा दिखाने का खेल खेला गया है। कई ग्राम पंचायतों में लाभार्थियों ने आवास की पहली किस्त पाकर भी निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया। सचिवों ने कार्रवाई के नाम पर नोटिस भी जारी की गई लेकिन कुछ नहीं हुआ। सचिवों के सत्यापन में सामने आया कि लाभार्थियों ने पहली किस्त से मोटरसाइकिल, मोबाइल खरीद लिया। इससे उन्होंने कार्य ही शुरू नहीं किया। कई लाभार्थियों ने तो आवास ही बेच दिए।

 

जरहर में आ जाइए और देखिए खेल

अगर आप देखना चाहें तो ग्राम पंचायत जरहर में आ जाइए जहां तीन साल पहले बने पंडित दीनदयाल नगर कालोनी में अभी तक वनवासियों का गृह प्रवेश नहीं हो पाया है। जबकि कागजों में गरीब वनवासी उसमें रहने भी लगे हैं। रिकार्ड में यहां के सभी आवास पूर्ण दिखा दिए गए हैं। मौके पर कोई भी बनवासी उसमें नहीं रहता है। इन आवासों स्थिति यह कि किसी की छत नहीं तो किसी का प्लास्टर नहीं हुआ है। पेंटिग की बात तो दूर रही। इसीलिए यहां मकान पाने वाले कुछ बनवासी अधूरा आवास बेचकर जंगलों में रह रहे है।

 प्रशासन ने आवास निर्माण के लिए दो किस्तें मिलने के बाद भी निर्माण पूरा न करने वाले 284 लाभार्थियों को नोटिस तामील करा दी है और सोच रहा है कि वह आवास बन जाएंगे, लेकिन ऐसा करके वह कितना सफल होंगे वह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

ऐसे मिलता है पैसा

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना में लाभार्थियों को सरकार के तीन किस्तों में 1.30 लाख रुपये खाते में भेजती है। नौगढ़ में 2020-21 में 555 आवास स्वीकृत हुए उसमें अभी भी 284 अधूरे हैं। इसके लिए पहली 44 हजार और दूसरी किस्त 76 हजार रुपये मिल चुकी है। 

पिछले दिनों पंचायत सेक्रेट्री महेंद्र मौर्य, उपेंद्र साहनी, गुड्डू प्रसाद व अन्य सचिवों ने अधूरे पड़े आवासों को लेकर लाभार्थियों को नोटिस दिया था, लेकिन इसके बाद भी आवासों का निर्माण नहीं किया गया।

बीडीओ साहब का यह है दावा

मामले में नौगढ़ के बीडीओ सुदामा प्रसाद का दावा है कि जो लाभार्थी आवास का पैसा व मकान बेचकर भागे हैं उन्हें ढूंढ़ा जा रहा है। वहीं अधूरे आवासों को पूर्ण करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। 66 लाभार्थियों के खिलाफ नौगढ़ थाने में तहरीर दी गई है। जल्द ही सब पर कार्रवाई होगी।