जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

नकली डॉक्टर के इलाज में गर्भवती महिला की हुई है मौत, एक बार फिर सील हुआ आशीर्वाद हॉस्पिटल

अस्पताल में नकली डॉक्टर के ऑपरेशन किए जाने से मरीजों की जान खतरे में है। लेकिन घूसखोर अधिकारी किसी की मौत होने के बाद ताला लेकर पहुंचते हैं। 
 

मौत के बाद अस्पताल में नकली डॉक्टर का हो गया खुलासा

आशीर्वाद हॉस्पिटल में कई बार लग चुका है ताला

किसी खास की कृपा से खुल जाती है सील

एक और मौत के बाद कब्रगाह बना है आशीर्वाद हॉस्पिटल 

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में बिना पंजीकरण के संचालित आशीर्वाद हॉस्पिटल में नकली डॉक्टर ने एक गर्भवती महिला की जान ले ली, परिजनों के धरने के बाद पहुंची पुलिस ने तथा कथित डॉक्टर को थाने में बैठा लिया। 3 घंटे बाद पहुंचे एसडीएम और एसीएमओ ने अस्पताल को सील कर दिया। 

आपको बता दें कि मिर्जापुर जनपद के शेरवा गांव निवासी रेशमा (25) को रविवार सुबह पेट में तेज दर्द की शिकायत पर आशीर्वाद हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन और ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में प्रशिक्षित नहीं, नकली डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे थे। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के गेट पर शव रखकर धरना दिया, जिससे प्रशासन हरकत में आ गया। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में नकली डॉक्टर के ऑपरेशन किए जाने से मरीजों की जान खतरे में है। लेकिन घूसखोर अधिकारी किसी की मौत होने के बाद ताला लेकर पहुंचते हैं। 

 Ashirvad Hospital sealed

आशीर्वाद हॉस्पिटल की पुरानी लापरवाही, हो चुकी है कई मौतें 
बिना पंजीकरण से चल रहे आशीर्वाद हॉस्पिटल में  पहले कई मौतें हो चुकी हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों ने मामले को सुलह-सौदे से निपटा दिया। किसी ने रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई। कई शिकायतें पहले ही मुख्यमंत्री के सीएम पोर्टल और जिलाधिकारी विकास मित्तल के पास भेजी जा चुकी हैं कि अस्पताल में काम करने वाला व्यक्ति प्रशिक्षित चिकित्सक नहीं है। लोग स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता और घूसखोरी पर सवाल उठा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि इस बार दोषियों को बख्शा न जाए।

 Ashirvad Hospital sealed

एसडीएम ने कराया मौके पर कराया सील 
एसडीएम विकास मित्तल और एसीएमओ संजय यादव ने एक बार फिर और अस्पताल को सील किया है। इससे पहले अधिकारियों ने मौके पर जाकर आपातकालीन व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। अस्पताल संचालक की लापरवाही और नकली डॉक्टर की गतिविधियों ने प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी। लोग शिकायत कर रहे हैं कि ताला लगाने के बावजूद अस्पताल कुछ ही दिनों में पैसे लेकर दोबारा खोल दिया गया था, जिससे मरीजों की जान पर खतरा लगातार बना रहा।

 Ashirvad Hospital sealed

परिजनों का गुस्सा, महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल
परिजन और ग्रामीण इस बार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर पहले भी कड़े कदम उठाए गए होते तो रेशमा की जान बच सकती थी। घटना पूरे क्षेत्र में महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। लोगों ने  अस्पताल संचालक और नकली डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए नियमों की पालन-व्यवस्था सख्त की जानी चाहिए।

Tags

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*