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कोयले के काले-कारोबार में पकड़ी गए चोरी, चंदासी में इस बड़े कारोबारी के यहां छापा
चंदौली जिले की चंदासी कोयला मंडी स्थित एक बड़े व्यापारी के कार्यालय में बृहस्पतिवार की शाम को स्टेट जीएसटी टीम ने छापा मारा।
 

कोयले के काले-कारोबार में पकड़ी गई चोरी

चंदासी में इस बड़े कारोबारी के यहां छापा

चंदौली जिले की चंदासी कोयला मंडी स्थित एक बड़े व्यापारी के कार्यालय में बृहस्पतिवार की शाम को स्टेट जीएसटी टीम ने छापा मारा। इस दौरान टीम ने लिंकेज कोयले से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। 

फैक्ट्रियों के संचालन के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी दर पर कोयले की आपूर्ति की जाती है। इसे लिंकेज कोयले के नाम से भी जाना जाता है। सस्ती दर पर मिलने वाले कोयले को बड़े व्यापारी मंडी में खपाकर मोटा मुनाफा कमाते हैं। पांच सदस्यों वाली टीम ने लगभग पांच घंटे तक जांच के बाद परिपत्रों व स्टॉक में कमी पाए जाने के बाद कर व अर्थदंड के रुप में साढ़े पांच लाख जमा करने का निर्देश दिया। वहीं अर्थदंड के लिए दो दिन की मोहलत दी।

इस कारोबार से जुड़े सूत्र बताते हैं कि कई व्यापारी फैक्ट्री और फर्म के नाम पर कोयला मंगवाकर उसे बाजार में खपाने का काम कर देते हैं। इसी तरह से मामलों की पड़ताल के लिए बृहस्पतिवार को तीन गाड़ियों से एसआईबी टीम के अधिकारी कोयला मंडी स्थित एक बड़े व्यापारी के कार्यालय पर पहुंचे। जहां उन्होंने लिंकेज के आपूर्ति से संबंधित दस्तावेजों को खंगाला। पांच घंटे से अधिक समय तक एसआईबी की टीम कार्यालय में रहकर दस्तावेजों की जांच करते रहे।

चंदासी पुराना पंजाब धर्म कांटा के पास विनोद मित्तल के ऑफिस पर गुरुवार को स्टेट जीएसटी के पांच सदस्यों की टीम ने अचानक छापेमारी कर दी। डिप्टी कमिश्नर जेपी मौर्या ने कहा कि प्रपत्रो की कमी और कोयले के स्टॉक की अधिकता पाई गई। इसके लिए 20 लाख रुपये की वैल्यू पर 2 लाख 25 हजार कर व इतना ही अर्थदंड के रूप में त्वरित जमा करने का निर्देश दिया गया है। बताया कि आगे जांच जारी रहेगी। स्टेट जीएसटी सचल दल की टीम दोपहर बाद लगभग तीन बजे से देर शाम आठ बजे तक प्रपत्रों की जांच करती रही। छापेमारी के दौरान चंदासी कोयला मंडी में हड़कंप मच रहा।

 बता दें कि इसके पूर्व सीबीआई की टीम ने झारखंड से निकलने वाले कोयले में हेराफेरी के मामले में मंडी में छापा मारा था। इसमें कुछ व्यापारियों पर मुकदमे भी हुए थे। टीम में सहायक कमिश्नर हरिशंकर प्रसाद, वाणिज्य कर अधिकारी मारुति नंदन, विवेक मणि त्रिपाठी, हरीनाथ यादव आदि शामिल रहे।