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सपा के कद्दावर नेता मनोज सिंह डब्लू के पिता रामअवध सिंह का 80 वर्ष की उम्र में निधन, चंदौली में शोक की लहर

सपा राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू के 80 वर्षीय पिता रामअवध सिंह का वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में फेफड़े के संक्रमण के कारण निधन हो गया। अंतिम संस्कार धानापुर के गुरेनी गंगा घाट पर होगा।
 

रामअवध सिंह का कभी नहीं छूटा माधोपुर से लगाव 


सपा नेता मनोज सिंह डब्लू के पिता का निधन 


हेरिटेज अस्पताल में हो रहा था फेफड़े का संक्रमण का इलाज


80 वर्षीय कुशल उद्यमी के रुप में रामअवध सिंह की  एक मिसाल


रामअवध सिंह के परिवार की दी जाती थी एकता की मिसाल 

 चंदौली जिले के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में बुधवार की अलसुबह शोक की लहर दौड़ गई, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू के पिता रामअवध सिंह ने अंतिम सांस ली। 80 वर्षीय रामअवध सिंह पिछले करीब एक पखवाड़े से फेफड़े में संक्रमण संबंधित गंभीर बीमारी से ग्रसित थे। उनका निधन वाराणसी स्थित हेरिटेज अस्पताल में हुआ।

 Manoj Singh W father passed away cause of death  Heritage Hospital Varanasi lung infection treatment
मनोज सिंह के पिता रामअवध सिंह (फाइल फोटो)

उनके निधन की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक के परिजनों, शुभचिंतकों और रिश्तेदारों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव माधोपुर लाया गया, जहां उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा।

कई दिनों से चल रहे थे बीमार
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, रामअवध सिंह अपनी पुत्री मीना सिंह ‘गुड़िया’ से मुलाकात करने के लिए तेलंगाना से चंदौली आए थे। इसी दौरान अचानक उनकी सेहत बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 11 नवंबर को वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सा परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उन्हें फेफड़े के गंभीर संक्रमण संबंधित समस्या बताई और उनका उपचार शुरू हुआ।

हालांकि, डॉक्टरों की बेहतर निगरानी और दवा-ईलाज के चलते उनके स्वास्थ्य में सुधार भी आया था, जिससे परिवार के सदस्यों के मायूस चेहरों पर खुशियां लौटने लगी थीं। लेकिन, 26 नवंबर की भोर में उनकी तबियत फिर से अचानक बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।

कुशल उद्यमी और किसान परिवार की विरासत
रामअवध सिंह का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने खेती-किसानी को प्राथमिकता दी, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने एक कुशल उद्यमी की भूमिका भी निभाई। उन्होंने अपनी जन्मभूमि से अपना जुड़ाव कायम रखते हुए, हैदराबाद, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे प्रमुख व्यवसायिक शहरों में सफलतापूर्वक अपना कारोबार स्थापित किया।

रामअवध सिंह ने न केवल अपने परिवार को आर्थिक मजबूती और समृद्धि दी, बल्कि उन्हें संस्कारों की विरासत भी सौंपी। यही कारण है कि उनका परिवार आज भी एकता की मिसाल के तौर पर देखा जाता है। उन्होंने अपनी उपस्थिति में ही अपनी विरासत को सौंपने का दायित्व बखूबी निभाया था। उन्होंने अपने इकलौते पुत्र सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू और अपने पौत्र प्रशांत सिंह को अपनी विरासत सौंपी।

नम आंखों से अंतिम विदाई
अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़कर गए स्वर्गीय रामअवध सिंह के निधन के बाद, उनके अंतिम दर्शन के लिए माधोपुर स्थित पैतृक गांव में समर्थकों और जानने वालों की भीड़ उमड़ी। परिवार और रिश्तेदारों के साथ ही उनके समर्थकों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

रामअवध सिंह का अंतिम संस्कार आज (बुधवार) को धानापुर के गुरेनी गंगा घाट पर किया जाएगा। उनके पुत्र सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू उन्हें मुखाग्नि देंगे। इस दुखद समय में, समूचा चंदौली जिला उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है और उनके दिखाए मार्ग तथा संस्कारों को याद कर रहा है।

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