किसानों को लेकर सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मिलने पहुंच गए राणा प्रताप सिंह
किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
लखनऊ में सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से की मुलाकात
जानिए मंत्री ने किन-किन अधिकारियों को तुरंत मिलाया फोन
चंदौली जिले में लगातार बारिश से चंद्रप्रभा और अन्य छोटी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कई गाँवों के किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। इस समस्या को लेकर चंदौली के किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात की।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह के नेतृत्व में किसानों ने मंत्री को बताया कि पिछले दो दशकों से नदियों की सफाई और तटबंधों की मरम्मत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आखिरी बार 2002 में भाजपा सरकार के दौरान तत्कालीन सिंचाई मंत्री ओमप्रकाश सिंह की पहल पर यह काम हुआ था।
मरम्मत न होने के कारण हर साल हल्की बारिश में ही पुराने तटबंध टूट जाते हैं, जिससे खेती की जमीन और फसलें नष्ट हो जाती हैं। इससे किसान आर्थिक रूप से टूट जाते हैं और कर्ज में डूब जाते हैं। किसानों ने सरकार से नदियों की सफाई और मरम्मत के साथ-साथ विशेष आर्थिक पैकेज की भी मांग की।

किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद, सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने तत्काल चंदौली के जिलाधिकारी और सिंचाई विभाग के सचिव से बात की। उन्होंने जल्द से जल्द इस परियोजना पर काम शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा, उन्होंने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को निर्देश दिया कि वे किसानों को खराब हुई फसलों और अन्य नुकसान का मुआवजा दें। मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को यह भी आश्वासन दिया कि सरकार उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करेगी और भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए जल्द ही सर्वे कराएगी।

प्रतिनिधिमंडल में राणा प्रताप सिंह के अलावा, सतीश सिंह, अजय सिंह, श्रवण सिंह, जनार्दन सिंह, अरुण कुमार सिंह, धीरज, सोनू और संजीव भी शामिल थे।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







