सैयदराजा की राजनीति में 'कथाओं का दंगल': विधायक सुशील सिंह की रामकथा के बाद अब मनोज सिंह कराएंगे भागवत कथा
सैयदराजा में विधायक सुशील सिंह की भव्य रामकथा के बाद अब सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने 26 नवंबर से भागवत कथा कराने का ऐलान किया है, जिससे सियासी माहौल गरमा गया है।
सैयदराजा में कथाओं का सियासी दंगल
भाजपा विधायक सुशील सिंह की रामकथा
पूर्व विधायक मनोज सिंह की भागवत कथा
धार्मिक आयोजनों के जरिए चुनावी रणनीति
चंदौली जिले के सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों धार्मिक आयोजनों की होड़ मच गई है, जो अब सीधे-सीधे राजनीतिक चर्चा का मुख्य केंद्र बन चुकी है। भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय विधायक सुशील सिंह द्वारा हाल ही में आयोजित कराई गई भव्य रामकथा के बाद, अब समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने भी भागवत कथा कराने का बड़ा ऐलान कर दिया है।

विधायक सुशील सिंह की रामकथा में जुटा था दिग्गजों का जमावड़ा
धानापुर के प्रसिद्ध दशमी सरोवर पर 20 से 24 अक्टूबर तक भाजपा विधायक सुशील सिंह की ओर से विशाल रामकथा का आयोजन किया गया था। इस पांच दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम में राजन जी महाराज ने अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को निहाल किया। इस मंच के जरिए विधायक ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, धनंजय सिंह, कई राज्यों के मंत्रियों और भोजपुरी स्टार पवन सिंह जैसी बड़ी हस्तियों को जुटाकर अपना राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन भी किया था।

पूर्व विधायक मनोज सिंह 26 नवंबर से कराएंगे भागवत कथा
रामकथा की भारी सफलता और चर्चा के बाद अब पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने अपने पैतृक गांव माधोपुर में आगामी 26 नवंबर से भव्य भागवत कथा कराने की घोषणा कर दी है। उनकी इस घोषणा के बाद से पूरे विधानसभा क्षेत्र में सियासी पारा काफी चढ़ गया है। लोग अब इस बात की जोर-शोर से चर्चा कर रहे हैं कि सैयदराजा के इस सियासी दंगल में आखिर राम के समर्थक भारी पड़ेंगे या फिर कृष्ण के।

क्या धार्मिक आयोजनों से साधी जा रही चुनावी जमीन?
क्षेत्रीय जनता और राजनीतिक विश्लेषक इसे महज एक धार्मिक अनुष्ठान न मानकर आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। चर्चा है कि नेताओं द्वारा धार्मिक आयोजनों के बहाने सीधे जनता से जुड़ने और अपनी सियासी पकड़ मजबूत करने की पुरजोर रणनीति बनाई जा रही है। हालांकि पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू का कहना है कि यह आयोजन समाज में सकारात्मकता लाने के लिए है और आने वाले समय में ऐसे कई और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
क्या धार्मिक आधार पर होगा आने वाला चुनावी फैसला?
फिलहाल सैयदराजा क्षेत्र में रामकथा के बाद अब 26 नवंबर से शुरू होने वाली भागवत कथा को लेकर सरगर्मियां काफी तेज हैं। हर किसी की निगाहें माधोपुर में होने वाले इस आयोजन पर टिकी हुई हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव के समय जनता इन धार्मिक आयोजनों के आधार पर अपना मन बनाती है या फिर विकास, रोजगार, सड़क, शिक्षा और बुनियादी मुद्दों को देखकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करती है।
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