जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलChandauliSamachar_Logo

सकलडीहा में 31 लेखपालों ने छोड़ा अतिरिक्त गांवों का चार्ज, तहसील प्रशासन में मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की सकलडीहा तहसील में प्रांतीय आह्वान पर 31 लेखपालों ने मंगलवार को अतिरिक्त गांवों का कार्यभार छोड़ दिया। लेखपालों ने अपनी 5 प्रमुख मांगों को लेकर सभी अभिलेख तहसील में जमा करा दिए हैं, जिससे प्रशासनिक काम ठप होने की आशंका बढ़ गई है।

 

चंदौली सकलडीहा तहसील में लेखपालों का प्रदर्शन

अतिरिक्त गांवों का कार्यभार छोड़कर वापस किए अभिलेख

लेखपाल संघ की 2800 ग्रेड पे की मांग

वाहन भत्ता और अंतरमंडलीय स्थानांतरण पर रोक की मांग

तहसीलदार बोले लेखपालों के कदम की जानकारी नहीं

चंदौली जिले की सकलडीहा तहसील से एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। प्रदेश स्तरीय संगठन के आह्वान पर मंगलवार को 31 लेखपालों ने एक साथ अतिरिक्त गांवों का कार्यभार छोड़ दिया है। लेखपालों ने अपने अतिरिक्त कार्यक्षेत्र से जुड़े सभी जरूरी सरकारी कागजात व अभिलेख तहसील में जमा करा दिए हैं। लेखपालों के इस बड़े कदम से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश संगठन के निर्देश पर लेखपाल लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। लेकिन सरकार की ओर से लगातार टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है। इसी के विरोध में अब अतिरिक्त कार्यभार का पूरी तरह से बहिष्कार करने का फैसला लिया गया है।

2800 ग्रेड पे और वाहन भत्ते की प्रमुख मांग
लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने बताया कि लेखपाल अपनी 5 प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें 2800 ग्रेड पे लागू करना, यात्रा के लिए वाहन भत्ता देना और नियमित काम के लिए स्टेशनरी उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अलावा लेखपालों की मांग है कि अंतरमंडलीय स्थानांतरण पर लगी रोक को तत्काल हटाया जाए और डीपीसी (DPC) के माध्यम से पदोन्नति की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए। इन सभी मुद्दों पर सरकार से बार-बार वार्ता के बावजूद समाधान नहीं निकला है।

सकलडीहा तहसील में 50 में से 31 ने छोड़े गांव
संघ के जिला अध्यक्ष के अनुसार, सकलडीहा तहसील क्षेत्र में कुल 50 लेखपालों को उनकी मूल तैनाती के अलावा अतिरिक्त गांवों का कार्यभार भी सौंपा गया था।
प्रदेश संगठन के आह्वान पर मंगलवार को इनमें से 31 लेखपालों ने अतिरिक्त कार्यक्षेत्र का काम करने से मना कर दिया। उन्होंने अपने पास मौजूद अतिरिक्त गांवों के सारे दस्तावेज तहसील कार्यालय में जमा करा दिए हैं।

सिर्फ मूल क्षेत्र का काम करेंगे, अतिरिक्त का बहिष्कार
आंदोलनकारी लेखपालों ने स्पष्ट किया है कि शासन द्वारा आम जनता से जुड़े जितने भी काम कराए जाते हैं, उनमें लेखपालों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। वे हमेशा सरकारी निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करते हैं। लेखपालों का आरोप है कि उनसे अतिरिक्त गांवों का काम तो कराया जाता है, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं देता। इसलिए अब वे केवल अपने निर्धारित मूल गांवों का ही काम करेंगे और अतिरिक्त गांवों के काम का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

तहसीलदार बोले- कार्यभार छोड़ने की जानकारी नहीं
वहीं इस पूरे मामले पर प्रशासनिक पक्ष भी सामने आया है। जब इस संबंध में सकलडीहा के तहसीलदार अभिजीत सिंह से बात की गई, तो उन्होंने इस बात से इनकार किया।
तहसीलदार अभिजीत सिंह ने कहा कि लेखपालों द्वारा अतिरिक्त कार्यक्षेत्र का कार्यभार छोड़ने और दस्तावेज जमा करने को लेकर फिलहाल उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। मामले की समीक्षा के बाद आगे का कदम उठाया जाएगा।

Tags

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*