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"पहले अंगूठा कटता था, अब नंबर काटते हैं": सोनभद्र सांसद छोटेलाल खरवार का मोदी सरकार पर तीखा हमला

सोनभद्र के सपा सांसद कुंवर छोटेलाल खरवार ने फेसबुक पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने पेपर लीक, कटऑफ और आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए SC/ST/OBC के अति गरीबों को अलग से 10% आरक्षण देने की मांग की है।

 

सांसद छोटेलाल खरवार का मोदी सरकार पर हमला

अंगूठा नहीं अब काटते हैं नंबर

SC ST OBC को 10 परसेंट अलग आरक्षण

पेपर लीक और कटऑफ पर घिरी सरकार

सोनभद्र सांसद की नई आरक्षण नीति मांग

सोनभद्र से समाजवादी पार्टी के सांसद कुंवर छोटेलाल खरवार के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पूर्वांचल से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल तेज कर दी है। सांसद ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए युवाओं के भविष्य, भर्ती प्रक्रियाओं और आरक्षण व्यवस्था को लेकर बेहद तीखा हमला बोला है।

सांसद खरवार ने महाभारत के एकलव्य और गुरु द्रोणाचार्य के प्रसंग का जिक्र करते हुए लिखा— "पहले द्रोणाचार्य अंगूठा कटवाते थे, अब अंगूठा नहीं काटते... सीधे छात्रों का नंबर काटते हैं!" उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई है और युवाओं के बीच चर्चा का केंद्र बन चुकी है।

संविधान खत्म करने की साजिश का लगाया आरोप
सांसद कुंवर छोटेलाल खरवार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संघ और भाजपा के एजेंडे के तहत संविधान के मूल ढांचे को कमजोर करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और कटऑफ के नाम पर युवाओं के अवसरों को छीना जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था के जरिए वंचित समाज के बच्चों को आगे बढ़ने से रोका जा रहा है। हालांकि, ये सांसद के निजी और राजनीतिक आरोप हैं, जिस पर अभी सत्तारूढ़ दल या केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।

SC/ST/OBC के अति गरीबों के लिए 10% अलग आरक्षण की मांग
आरक्षण के मुद्दे पर सांसद ने सरकार के सामने तीन बड़ी शर्तें रखी हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार सचमुच समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति का भला चाहती है, तो उसे 50 प्रतिशत आरक्षण की मौजूदा सीमा से कोई छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि SC, ST और OBC समाज के अति गरीब परिवारों की पहचान के लिए एक पारदर्शी आर्थिक व सामाजिक सर्वे कराया जाए। इस सर्वे के आधार पर जो परिवार सबसे ज्यादा पिछड़े और गरीब पाए जाएं, उन्हें मौजूदा आरक्षण के दायरे से बाहर रखकर अलग से 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।

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युवाओं के मुद्दों को बनाया सियासी हथियार
सांसद का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में पेपर लीक और नौकरियों में आरक्षण को लेकर युवाओं के बीच खासा आक्रोश है। सोनभद्र, चंदौली, मिर्जापुर और आसपास के जिलों में बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में सांसद ने युवाओं के दर्द को सीधे राजनीतिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। समर्थकों का मानना है कि सांसद ने छात्रों की वास्तविक पीड़ा को उजागर किया है, जबकि विरोधी इसे आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर की गई बयानबाजी बता रहे हैं।

सोनभद्र से उठी आवाज का दूर तक असर
सोनभद्र और चंदौली समेत पूरे पूर्वांचल के छात्र वर्ग में इस बयान के बाद नई बहस छिड़ गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकार अति गरीब परिवारों के लिए इस प्रकार के विशेष सर्वे और 10 प्रतिशत अलग आरक्षण की मांग पर कोई ध्यान देगी? बहरहाल, सांसद कुंवर छोटेलाल खरवार की इस पोस्ट ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में भर्ती परीक्षाएं, पेपर लीक और आरक्षण का मुद्दा राजनीति के केंद्र में बना रहने वाला है।

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