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UP के बुनकरों के लिए खुशखबरी: संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार के लिए चंदौली समेत इन जिलों के बुनकर 18 जून तक करें आवेदन

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना' का ऐलान किया है। इसके तहत राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। बुनकर अपनी कला का नमूना 18 जून तक जमा कर सकते हैं।

 

राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार 1,00,000 रुपये

परिक्षेत्रीय स्तर पर भी नकद पुरस्कार का प्रावधान

आवेदन और सैंपल जमा करने की अंतिम तिथि 18 जून

वाराणसी, चंदौली और मिर्जापुर के बुनकर पात्र

चार श्रेणियों में निर्धारित किए गए हैं पुरस्कार

हथकरघा बुनकरों के लिए 'संत कबीर राज्य पुरस्कार योजना' का आगाज: राज्य स्तर पर मिलेगा 1 लाख का नकद इनाम, बुनकरों को प्रोत्साहित करने की बड़ी पहल

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने और बुनकरों के कौशल को सम्मानित करने के लिए "संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना" का संचालन किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रतिभावान बुनकरों को प्रोत्साहित करना और उनकी कला को एक वैश्विक पहचान दिलाना है। योजना के तहत परिक्षेत्रीय एवं राज्य स्तर पर नकद पुरस्कार, शील्ड और प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।

पुरस्कारों का विवरण और श्रेणियाँ
योजना के अंतर्गत पुरस्कारों को दो स्तरों पर विभाजित किया गया है:---

1- परिक्षेत्रीय स्तर: प्रथम पुरस्कार 20,000 रुपये, द्वितीय 15,000 रुपये और तृतीय पुरस्कार 10,000 रुपये निर्धारित है।

2- राज्य स्तर: परिक्षेत्रीय विजेताओं में से राज्य स्तर का चयन होगा, जहाँ प्रथम विजेता को 1,00,000 रुपये, द्वितीय को 50,000 रुपये और तृतीय को 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

पुरस्कारों के लिए चार श्रेणियाँ बनाई गई हैं, जिनमें साड़ी, ब्रोकैड, ड्रेस मटेरियल, सूती व ऊनी दरी, बेडशीट, होम फर्निशिंग, स्टोल और गमछा जैसे उत्पादों को शामिल किया गया है।

आवेदन की पात्रता और प्रक्रिया
इस योजना में व्यक्तिगत बुनकर, बुनकर सहकारी समितियां, स्वयं सहायता समूह और मास्टर बुनकर आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक बुनकर जो वाराणसी, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र, जौनपुर और भदोही जनपद के निवासी हैं, वे अपना आवेदन ऑनलाइन पोर्टल (www.handloom.upsdc.gov.in) पर कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के उपरांत बुनकरों को अपने उत्कृष्ट नमूनों (सैंपल) के साथ पूर्ण विवरण (वार्प, वेफ्ट, रंग, डिजाइन तकनीक) अंकित कर 18 जून 2026 तक सहायक आयुक्त, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, रथयात्रा, वाराणसी के कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा।

चयन प्रक्रिया के लिए ये हैं आवश्यक शर्तें
पुरस्कारों के लिए सैंपल्स का चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। चयन के दौरान डिजाइन, वीविंग तकनीक, उत्पादों की विविधता और रंगों के तालमेल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि जिन बुनकरों को पिछले तीन वर्षों में पुरस्कृत किया जा चुका है, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। बुनकर अपने सैंपल्स पूर्ण साइज (जैसे साड़ी फुल साइज, तौलिया, बेडशीट आदि) में जमा करें ताकि गुणवत्ता का सही निरीक्षण हो सके।

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