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श्री अन्न के मामले में फिसड्डी साबित हो सकता है जिला, कैसे पूरा होगा 25 हजार क्विंटल बाजरा खरीद का लक्ष्य ​​​​​​​

बाजरा खरीद का लक्ष्य पूर्ण करने के लिए विपणन विभाग की ओर से मशक्कत के बावजूद विभाग को ढूढ़ने से भी बाजरा की उपज नहीं मिल रही है। जिले के 7 क्रय केंद्रों पर अब तक मात्र 70 क्विंटल बाजरा की ही खरीदारी हो पाई है।
 

अब कैसे पूरा नहीं हो पाएगा 25 हजार क्विंटल बाजरा खरीद का लक्ष्य,

सिर्फ 15 दिन बचा है शेष

70 क्विंटल बाजरे की हुई खरीद

 

चंदौली जिले में बाजरा खरीद का लक्ष्य पूर्ण करने के लिए विपणन विभाग की ओर से मशक्कत के बावजूद विभाग को ढूढ़ने से भी बाजरा की उपज नहीं मिल रही है। जिले के 7 क्रय केंद्रों पर अब तक मात्र 70 क्विंटल बाजरा की ही खरीदारी हो पाई है। जबकि 25 हजार क्विंटल बाजरा खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपज की आमद नहीं होने से क्रय केंद्र सुने हो गए हैं। 

बताते चले कि 30 दिसंबर तक बाजरा की खरीद का कार्य किया जाना है। यानि खरीद के बाबत अब मात्र एक पखवारा ही शेष रहा गया है। ऐसे में लक्ष्य पूर्ण हो पाएगा यह कह पाना मुश्किल है। दरअसल कृषि प्रधान जनपद में खरीफ सीजन में 80 प्रतिशत से अधिक किसान धान की ही खेती करते हैं। चहनियां, धानापुर, नियामताबाद के गंगा के तराई इलाकों में बाजरा की खेती होती है, लेकिन यहां भी किसान सीमित मात्रा में ही बाजरा की खेती करते हैं। अधिकांश किसान पशुओं के चारा की उपलब्धता के लिए ही बाजरा लगाते हैं।


 चकिया, शहाबगंज, सदर, नौगढ़ क्षेत्रों में बाजरा की खेती नगण्य है। शासन ने वर्ष 2023 में श्री अन्न की खेती को बढ़ावा देने के लिए इस बार बाजरा की खरीदारी के लिए ब्लाक मुख्यालयों पर सात क्रय केंद्र की स्थापना कराई है। आरंभ में चहनियां के रामगढ़ निवासी किसान रवि शंकर सिंह ने 25 क्विंटल बाजरा की बिक्री कर खरीद कार्य का शुभारंभ कराया। इसके बाद इक्का-दुक्का किसान अपनी उपज लेकर पहुंचे तो खरीद की स्थिति 70 क्विंटल तक पहुंच गई, लेकिन अब उपज के अभाव में क्रय केंद्र सुने हो गए हैं।

 विपणन विभाग की ओर से 25 हजार क्विंटल बाजरा की खरीद के लक्ष्य की पूर्ति के लिए ब्लाकवार किसानों की सूची बनाई जा रही है, ताकि किसानों से संपर्क कर उनकी उपज को खरीदा जा सके। इसके बावजूद खरीद के कार्य में प्रगति नहीं हो रही है। जनपद में खरीफ सीजन में इस बार 474 हेक्टेअर में श्री अन्न की खेती कराई गई थी। इसमें ज्वार, बाजरा, रागी, सांवा, कोदो, कुटकी, जौ शामिल है।


जनपद में खेती की स्थिति


खेती का कुल रकबा
 125362 हेक्टेयर
खरीफ का रकबा
113613 हेक्टेयर
रबी
19806 हेक्टेयर
जायद
843 हेक्टेयर
गेहूं का रकबा
100460 हेक्टेयर
धान का रकबा
116313 हेक्टेयर
दलहन
11749 हेक्टेयर


इसके साथ ही कृषि विभाग की ओर से 5312 हेक्टेयर में बाजरा की खेती कराने का दावा किया जाता है। इसमें पैदावार का क्या होता है। उसकी जानकारी कृषि विभाग ही बेहतर तरीके से दे सकता है।

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