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बड़े नेताओं पर FIR के बाद भड़की सपा, जिलाध्यक्ष बोले- मुकदमों से नहीं दबेगी समाजवादियों की आवाज़

चन्दौली में सपा के धरना-प्रदर्शन पर हुई एफआईआर के बाद समाजवादी पार्टी बेहद आक्रामक हो गई है। जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने इसे प्रशासन की दमनकारी नीति बताते हुए उग्र आंदोलन और कानूनी लड़ाई की बड़ी चेतावनी दी है।

 
 

प्रशासन की कार्रवाई को बताया तानाशाही और दमनकारी नीति

फर्जी मुकदमे तुरंत वापस लेने की उठाई मांग

सांसद और विधायक जल्द मिलेंगे जिले के कप्तान और डीएम से

राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी गई पूरे मामले की जानकारी

प्रदेश कार्यालय हर कार्यकर्ता को देगा पूरी कानूनी मदद

चंदौली जिले में जनहित के मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा किए गए शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन द्वारा दर्ज की गई एफआईआर ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी ने बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। सपा के जिला अध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने इस पूरी कार्रवाई को प्रशासन की "दमनकारी नीति" करार दिया है और तीखा पलटवार किया है।

जिला अध्यक्ष ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों पर जनता की जायज आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को झूठे आपराधिक मुकदमों में फंसाया जा रहा है। सरकार और प्रशासन मिलकर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि समाजवादियों की आवाज को किसी भी स्तर के शासन-प्रशासन द्वारा नहीं दबाया जा सकता है।

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मुकदमे वापस न हुए तो आंदोलन होगा और उग्र
सपा जिलाध्यक्ष ने साफ संकेत दिया है कि प्रशासन की इस तानाशाही हरकत के कारण भविष्य में होने वाले धरना-प्रदर्शन और अधिक उग्र हो सकते हैं। इस बड़े घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी ने प्रशासन से लोहा लेने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की है। पार्टी ने लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किए गए धरने पर दर्ज किए गए मुकदमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चन्दौली के माननीय सांसद और सकलडीहा के माननीय विधायक, अन्य जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर जल्द ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेंगे। सपा का यह प्रतिनिधिमंडल दोनों बड़े अधिकारियों से भेंट कर उन्हें इस पूरी कार्रवाई के खिलाफ एक मजबूत ज्ञापन सौंपेगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुँचा मामला
पार्टी के जिला अध्यक्ष ने आगे बताया कि चन्दौली की इस पूरी घटना और पुलिसिया कार्रवाई की विस्तृत जानकारी लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी को दे दी गई है। राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रदेश कार्यालय ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।

अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश कार्यालय ने प्रत्येक छोटे-बड़े कार्यकर्ता की जमानत और उन्हें हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिला अध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने सभी कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया है कि वे पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी जिला कार्यालय, चन्दौली से लगातार संपर्क बनाए रखने का सुझाव दिया है।

क्या था पूरा विवाद जिसने बढ़ाई सियासी तपिश?
आपको बता दें कि 19 जून को जिला मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी के धरना-प्रदर्शन के बाद चन्दौली का राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदल गया था। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह 'डब्लू' समेत आठ नामजद और करीब 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था।

यह पूरा विवाद शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान शुरू हुआ था। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वहां इकट्ठा हुए थे, जिसके बाद पुलिस ने उन पर अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कर दिया। अब इस पर सपा आर-पार की लड़ाई के मूड में है।

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