UP बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण नियमावली में बदलाव, विवादित स्कूलों को नहीं बनाया जाएगा सेंटर
चंदौली में नकल विहीन परीक्षा की तैयारी
1.27 लाख छात्रों के लिए सेंटरों का चयन शुरू
केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया नई गाइडलाइन के हिसाब से शुरू
चंदौली जिले में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण (Centre Allotment) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए शासन ने इस बार केंद्र निर्धारण की नियमावली में बड़ा बदलाव कर कड़ाई बरती है, जिसकी गाइडलाइन जारी हो चुकी है।
जिले में कुल 248 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग 1.27 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इस बार 63 हजार से अधिक विद्यार्थी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा देंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक देवेन्द्र सिंह ने बताया कि सचिव की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार ही केंद्र बनाए जाएंगे और प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विवाद वाले विद्यालय नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र
नियमों में किए गए सबसे महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, जिन विद्यालयों में प्रबंधकीय विवाद (Managerial Dispute) चल रहा है, उन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। यह कदम परीक्षा की शुचिता और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
केंद्र निर्धारण के मुख्य मानक और प्रक्रिया
केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन (Online) होगी। सभी माध्यमिक स्कूलों को 10 नवंबर तक आवश्यक सूचनाएं विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करनी थीं। केंद्र बनाते समय निम्नलिखित मानकों का पालन किया जाएगा:
- न्यूनतम और अधिकतम परीक्षार्थी: प्रत्येक केंद्र पर कम से कम 250 और अधिकतम 2,000 परीक्षार्थी आवंटित किए जाएंगे।
- क्षेत्रफल का मानक: केंद्र बनाते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक परीक्षार्थी के लिए 20 वर्गफीट क्षेत्रफल (20 sq ft per candidate) होना चाहिए। इसी मानक के आधार पर परीक्षार्थियों का आवंटन किया जाएगा।
पिछले वर्ष के केंद्रों के बारे में देखा जाए तो पिछली बार जनपद में 82 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
स्कूलों में इन उपकरणों का होना अनिवार्य
परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक समिति बनाई जाएगी। यह समिति विद्यालयों में निम्नलिखित उपकरणों और सुविधाओं का सत्यापन करेगी और अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी:
- सुरक्षा उपकरण होने जरुरी : सीसीटीवी कैमरे (CCTV Cameras), डीवीआर (DVR) और वाइस रिकार्डर (Voice Recorder) का उपलब्ध होना अनिवार्य है।
- बुनियादी सुविधाएँ भी अनिवार्य: बिजली बैकअप (Power Backup), स्ट्रांग कक्ष (Strong Room) जहां प्रश्नपत्र सुरक्षित रखे जा सकें, पेयजल (Drinking Water), शौचालय और भवन की पर्याप्तता।
इन सख्त प्रबंधों का उद्देश्य नकल विहीन और व्यवस्थित परीक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि सरकार की मंशा के अनुरुप परीक्षा संपन्न करायी जा सके।
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