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किसानों को रिझाने के लिए सरकार ने बदला फैसला, ऑफलाइन अनलिमिटेड होगी धान की खरीद
किसानों की नाराजगी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है और 8 जनवरी से ऑफलाइन टोकन के जरिए धान खरीदने का फैसला करते हुए खरीद की लिमिट को भी खत्म कर दिया है।
 
चुनावी सीजन में खुल गयी भाजपा सरकार की आंख, केन्द्र से टोकन लेकर एक साथ पूरा धान बेचने का मिला मौका, सारे नियम कानून बदले

उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव और किसानों की नाराजगी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है और 8 जनवरी से ऑफलाइन टोकन के जरिए धान खरीदने का फैसला करते हुए खरीद की लिमिट को भी खत्म कर दिया है। अब किसान क्रय केंद्रों पर जाकर अपने टोकन के अनुसार अनलिमिटेड तरीके से धान की बिक्री कर सकते हैं।

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 उप विपणन अधिकारी ने यह भी कहा कि चंदौली जिले में लगभग एक लाख मेट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 40% से अधिक है। अब सरकार के नए फैसले के बाद किसान ज्यादा से ज्यादा संख्या में अधिक से अधिक धान बेच पाएंगे और धान खरीद का लक्ष्य जल्दी से जल्दी पूरा कर लिया जाएगा।

 अनूप कुमार से वास्तव में यह भी कहा कि यूपीएसएस के जो भी धान खरीद केंद्र बंद किए गए हैं उनको फिर से चालू करने की कोई योजना नहीं है, बल्कि इसके बदले नए क्रय केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है और जल्द ही सारे स्थानों पर नए क्रय केंद्र तैयार किए जाएंगे और उन पर खरीद होगी। फिलहाल यूपीएसएस के सारे क्रय केन्द्र बंद रहेंगे।

बोले- मनोज सिंह डब्लू

इस मामले को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी टिप्पणी दी है। पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कहा है कि अपनी विधानसभा चुनाव में हार को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने किसानों को लुभाने के लिए यह फैसला लिया है। जब किसान पिछले 1 महीने से परेशान थे तब भारतीय जनता पार्टी अपने गुरूर में मस्त थी और जब किसानों ने उनको सबक सिखाने का फैसला कर लिया तो अब एक बार फिर अनलिमिटेड धान खरीद के साथ-साथ ऑफलाइन टोकन से धान बेचने का फैसला कर लिया है।

कांग्रेस नेता नारायण मूर्ति ओझा बोले-

 इस संदर्भ में कांग्रेसी नेता नारायण मूर्ति ओझा का कहना है कि सरकार किसानों को परेशान करने के बाद एक बार फिर बिचौलियों को लाभ पहुंचाने की नीयत से यह फैसला लिया है। अब खरीद की लिमिट के साथ-साथ ऑनलाइन टोकन को भी खत्म कर दिया है। इससे कालाबाजारी और बिचौलियों की भूमिका और अधिक बढ़ जाएगी। किसान पहले भी परेशान थे और आगे भी परेशान किए जाते रहेंगे।

वहीं इस मामले में जिलाधिकारी ने भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शासन की मंशा के अनुरूप शासनादेश की तिथि से किसानों के धान खरीद की की प्रक्रिया सुनिश्चित कराई जाए, ताकि किसानों का धान समय से खरीदा जा सके।