सड़क के लिए कौड़ियों के भाव ली जा रही उपजाऊ जमीन, सांसद ने दो-दो एक्सप्रेसवे और जमीन अधिग्रहण का उठाया मुद्दा
चंदौली के किसानों की जमीन कौड़ियों के भाव लिए जाने का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। सांसद वीरेन्द्र सिंह ने नियम 377 के तहत दो-दो एक्सप्रेसवे और किसानों के शोषण का मुद्दा उठाकर सरकार से सीधा जवाब मांगा है।
संसद में गूंजी चंदौली किसानों की आवाज
मनमाने रेट पर ली जा रही जमीन
बरहनी और नरवन के किसान परेशान
4 किमी में दो एक्सप्रेसवे पर सवाल
चंदौली जिले के किसानों की समस्याओं को लेकर चंदौली के सपा सांसद वीरेन्द्र सिंह ने देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद में आवाज उठाई है। नियम 377 के तहत इस मामले को उठाते हुए सांसद ने सरकार से सीधा जवाब मांगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में विकास के नाम पर किसानों का शोषण किया जा रहा है और उनकी उपजाऊ जमीन कौड़ियों के भाव ली जा रही है।

बरहनी और नरवन के किसान बेहाल
जिले के बरहनी ब्लॉक और नरवन क्षेत्र के किसान इन दिनों काफी परेशान हैं। इस इलाके में महज 4 किलोमीटर के अंतराल पर दो-दो एक्सप्रेसवे निकाले जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनकी आजीविका का एकमात्र सहारा खेती ही है, लेकिन एक्सप्रेसवे के नाम पर उनसे जमीनें छीनी जा रही हैं।
मनमाने रेट पर जमीन लेने का आरोप
संसद में मुद्दा उठाते हुए सांसद वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि मौजूदा बाजार दर (मार्केट रेट) को दरकिनार कर सरकार मनमाने तरीके से जमीन अधिग्रहित कर रही है। उपजाऊ खेती किसानों की आर्थिक जीवनरेखा है, जिसके साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतने कम फासले में दो एक्सप्रेसवे की आखिर क्या जरूरत है।
सड़क से संसद तक लड़ाई का ऐलान
सांसद ने साफ शब्दों में कहा कि वे या किसान क्षेत्र के विकास में कोई बाधक नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के हक के लिए यह लड़ाई सदन के अंदर भी लड़ी जाएगी और सदन के बाहर सड़क पर भी सरकार को पूरी मजबूती से घेरा जाएगा।
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