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RPF जंक्शन से 3 नाबालिगों को किय़ा रेस्क्यू, बाल मजदूरी के लिए जा रहे बच्चों को बचाया, एक तस्कर गिरफ्तार

जांच में खुलासा हुआ कि संदिग्ध व्यक्ति का नाम विरहिन मांझी (30 वर्ष), निवासी गमहरीया, थाना डोभी, जिला गया (बिहार) है। वह तीनों बच्चों को गया से चेन्नई ले जा रहा था।
 

RPF-DDU को बाल मजदूरी रोकने में मिली बड़ी सफलता

3 नाबालिग बच्चों को मानव तस्करी से बचाया गया

तीनों बच्चों को सुरक्षित चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा गया

चंदौली जिले के बाल मजदूरी और मानव तस्करी के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) डीडीयू पोस्ट ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। गहन चेकिंग के दौरान तीन नाबालिग बच्चों को संदिग्ध हालात में पाकर सुरक्षित किया गया। वहीं, बच्चों को मजदूरी के लिए ले जा रहे एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया।

आपको बता दें कि यह अभियान प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में चलाया गया। इसमें बचपन बचाओ आंदोलन की सहायक परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता और चाइल्ड हेल्प डेस्क की टीम ने सहयोग किया। गाड़ी संख्या 12389 गया–चेन्नई एक्सप्रेस के प्लेटफार्म संख्या 4 पर आगमन के उपरांत आरपीएफ टीम ने जब कोच की चेकिंग की, तो पीछे के जनरल कोच में तीन नाबालिग बच्चे डरे-सहमे हालत में मिले। इनके साथ मौजूद एक संदिग्ध व्यक्ति पर भी टीम को शक हुआ। पूछताछ में मामला संदिग्ध पाए जाने पर सभी को उतारकर डीडीयू पोस्ट लाया गया।

जांच में खुलासा हुआ कि संदिग्ध व्यक्ति का नाम विरहिन मांझी (30 वर्ष), निवासी गमहरीया, थाना डोभी, जिला गया (बिहार) है। वह तीनों बच्चों को गया से चेन्नई ले जा रहा था। वहां उन्हें होटल में बर्तन धोने का काम दिलाया जाना था। आरोपी ने बच्चों को आश्वासन दिया था कि 12 घंटे काम करने पर उन्हें 14 हजार रुपये मासिक मजदूरी दी जाएगी। यात्रा का खर्च और ट्रेन का किराया भी आरोपी ने ही वहन किया था।

बचाए गए बच्चों के नाम इस प्रकार हैं –

  1.     अनोज कुमार (14 वर्ष)
  2.     धर्मेंद्र कुमार (16 वर्ष)
  3.     राजकुमार (17 वर्ष)

    सभी निवासी – डोभी, गया (बिहार)

तीनों बच्चों के परिजनों से समन्वय कर जांच की गई। बच्चों के बयान से मामला बाल मजदूरी का साबित हुआ। इसके बाद उन्हें सुरक्षित चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंप दिया गया, जबकि आरोपी विरहिन मांझी को अग्रिम कानूनी कार्रवाई हेतु कोतवाली मुगलसराय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

टीम की सक्रिय भूमिका
अभियान में आरपीएफ उप निरीक्षक अश्वनी कुमार, आरक्षी दीपक सिंह, संतोष त्रिपाठी, अशोक यादव, बबलू कुमार, सीआईबी के प्रधान आरक्षी विनोद यादव, बचपन बचाओ आंदोलन की चंदा गुप्ता और चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुजीत कुमार आदि शामिल रहे।

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