जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

लतीफ शाह के प्रतिबंधित कुंड में फल-फूल रहा मछलियों का अवैध कारोबार, नोटों के दम मौज काट रहे 'ठेकेदार'

लतीफशाह गांव के लोगों ने आरोप लगाते हुए नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आसपास के कुछ अवैध तरीके से मछलियों के धंधा करने वाले उचक्कों ने डैम के नीचे प्रतिबंधित कुंड में मछली पाला है।
 

कुंड में उचक्कों ने पाली हैं मछलियां

बगैर अनुमति के पाली गयी है मछली

कुंड में बांस के खपच्चे के साथ-साथ कटीली झाड़ियां भी मौजूद

सिंचाई विभाग का बंदा देता है संरक्षण

चंदौली जिले के चकिया क्षेत्र में मछलियों का अवैध धंधा करने वाले उचक्कों द्वारा लतीफशाह डैम के नीचे प्रतिबंधित कुंड में सिंचाई विभाग के बगैर अनुमति के ही मछली पाले जाने का आरोप स्थानीय ग्रामीणों ने लगाया है और नाम न छापने के शर्त पर यहां के गोरखधंधे का खुलासा किया है, जिसको कुछ नेताओं व ठेकेदार टाइप अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ है।

इस गोरखधंधे के बारे में ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि लतीफशाह के इलाके में आसपास के कुछ मछलियों के अवैध धंधा करने वाले उचक्के सक्रिय हैं, जो सिंचाई विभाग के बगैर अनुमति व निर्देश के ही कुंड में मछली पालन करते है। इसमें कुछ ठेकेदार टाइप के लोगों की मिलीभगत व संरक्षण भी है। इसीलि वे वहीं बांस के खपच्चे सहित कटीले झाड़ियों को भी कुंड के अंदर डाल रखे हैं। ये उच्चके ठंड के मौसम व सीजनली त्यौहारों पर इन मछलियों को जाल लगाकर रात में निकाला करते जाता हैं और इन्हें ऊंचे दामों पर मछली मंडी सहित अन्य स्थान पर भारी भरकम रेटों में बेचते हैं।
लोगों ने कहा कि काफी दिनों से यह सब कारनामा होने के बाद भी स्थानीय सिंचाई विभाग के आलाधिकारी कुछ खास कारणों से ही सोए हुए है। लोगों ने यह भी बताया कि मुगलसराय स्थित सिंचाई विभाग आफिस का एक मुंशी है, जो इन उचक्कों से मोटी रकम लेकर मछली पाले जाने का हक दे रखा है। जिससे यह उचक्के बेखौफ होकर अवैध तरीके से प्रतिबंधित कुंड़ में मछली पाल रखे हैं।

Illegal fishing

बता दें कि लतीफशाह गांव के लोगों ने आरोप लगाते हुए नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आसपास के कुछ अवैध तरीके से मछलियों के धंधा करने वाले उचक्कों ने डैम के नीचे प्रतिबंधित कुंड में मछली पाला है। यही नहीं मछली पालने के उपरांत कुंड में बास के खपच्चे व कटीले झाड़ियों को भी डाला गया है। बताया कि उचक्कों द्वारा रात में मछलियों को चारा भी दिया जाता है, ताकि यह मछली जल्द से जल्द बड़ी हो जाएं और उनको बेचा जा सके।
 अवैध तरीके से मछलियों के धंधे करने वाले इन कुंडों में बराबर मछली पालन का कार्य करते है। मछली जब बड़े आकार की हो जाती है तो उचक्के रात में जाल डालकर मछलियों को बाहर निकाल लेते है। वहीं इन मछलियों को ऊंचे दामों पर मछली मंडी सहित अन्य स्थानों पर ले जाकर बेंच देते है। इसके बाद उचक्के अपने में हिस्सेदारी का बंटवारा करते है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इसकी शिकायत स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कई बार की गई। लेकिन इन अधिकारियों के कानों तक अभी जू नहीं रेंग पाया। उचक्कों द्वारा कुंड़ में डाले गए बांस के खपच्चे व कटीले झाड़ियों से कभी भी कोई कुंड में अचानक कूदने के दौरान चोटिल हो सकता है।
लोगों ने यह भी बताया कि मुगलसराय स्थित सिंचाई विभाग आफिस का एक मुंशी है, जिसके इशारे पर यह सब कार्य होता है। मुंशी द्वारा अवैध मछली पालन करने वाले उचक्कों से मोटी रकम लेकर मछली पाले जाने का हवाला दिया जाता है।
एसडीएम कुंदन राज कपूर के संज्ञान में मामला
मामले के संज्ञान में आने पर एसडीएम कुंदन राज कपूर ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। सिंचाई विभाग के अच्चाधिकारियों को निर्देशित कर जांच कराई जायेगी। दोषी पाये जाने पर कार्यवाई की जायेगी।
वहीं मामले में सिंचाई विभाग के एई ने राकेश तिवारी ने बताया कि प्रतिबंधित कुंड़ में मछली पालने का आदेश नहीं है। अगर ऐसा कोई कर रहा है तो गलत है। सब पर कार्रवाई होनी चाहिए।

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*